शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड के किसानों के लिए क्लीन प्लांट सेंटर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, फसल बीमा, प्राकृतिक खेती और घेरबाड़ परियोजना सहित कई बड़ी घोषणाएं कीं।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड के किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए राज्य में बागवानी, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, फसलों की गुणवत्ता सुधारने और कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
मुक्तेश्वर में बनेगा ₹100 करोड़ का क्लीन प्लांट सेंटर
शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि उत्तराखंड को बागवानी के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से मुक्तेश्वर में लगभग ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र के माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण, प्रमाणित और रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बागवानी उत्पादन और निर्यात क्षमता दोनों में वृद्धि होगी।
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चौबटिया में स्थापित होगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा के चौबटिया में भारत-नीदरलैंड सहयोग के तहत ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जाएगा। यह केंद्र आधुनिक बागवानी तकनीकों, अनुसंधान और किसानों के प्रशिक्षण का प्रमुख संस्थान बनेगा।
जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ परियोजना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए ₹25 करोड़ की घेरबाड़ परियोजना शुरू कर दी गई है। इसके अलावा इस योजना को गति देने के लिए ₹65 करोड़ की अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक खेतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उत्तराखंड के मेरे भाइयों-बहनों,
अपना मडुआ कोई कम उपयोगी है क्या, मडुआ में इतने गुण हैं कि मैंने चावल खाना छोड़ दिया। मैं अब रोटी के साथ मडुआ खाता हूँ।
मैं आप सभी से निवेदन कर रहा हूँ कि रागी का जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) है, उस पर झंगोरा और सांवा की भी खरीद की जा सकेगी, ऐसे… pic.twitter.com/jiyYBUhbZw
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) June 26, 2026
फसल बीमा और वेदर स्टेशन पर विशेष जोर
जलवायु परिवर्तन और संभावित अल नीनो प्रभाव का उल्लेख करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि मौसम और फसल नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए राज्य में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए ₹104 करोड़ की अतिरिक्त वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
प्राकृतिक खेती और मोटे अनाज अपनाने की अपील
उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद और कीटनाशकों का संतुलित उपयोग करने का आग्रह करते हुए प्राकृतिक खेती को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान अपनी भूमि के एक हिस्से में प्राकृतिक खेती अवश्य करे, ताकि मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रह सकें।
इसके साथ ही उन्होंने मडुआ, झंगोरा और सांवा जैसे पारंपरिक मोटे अनाजों के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि रागी की तरह अन्य मोटे अनाजों की खरीद को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सके।
पंतनगर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना
शिवराज सिंह चौहान ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर को देश की कृषि शिक्षा और अनुसंधान का गौरव बताते हुए कहा कि इस संस्थान ने भारतीय कृषि के विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया है। पूर्व छात्रों से संवाद के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि यहां से निकले विशेषज्ञों ने कृषि क्षेत्र में नई सोच और तकनीक को आगे बढ़ाने का कार्य किया है।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी और सांसद अजय भट्ट की उपस्थिति की भी सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड का कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।