रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में प्रादेशिक सेना की भूमिका, सुरक्षा योगदान, आपदा राहत और पर्यावरण संरक्षण कार्यों की सराहना की।
नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक का मुख्य विषय प्रादेशिक सेना (Territorial Army) की भूमिका, उपलब्धियां और भविष्य की जरूरतों पर केंद्रित रहा।
बैठक के दौरान रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने समिति के सदस्यों को प्रादेशिक सेना के गठन, कार्यक्षेत्र, जिम्मेदारियों और महत्वपूर्ण योगदानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। समिति के सदस्यों ने बल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए।
विकसित भारत के निर्माण में प्रादेशिक सेना की अहम भूमिका: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में प्रादेशिक सेना का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह बल केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
उन्होंने प्रादेशिक सेना को ‘नागरिक-सैनिक’ अवधारणा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इसके जवान सामान्य जीवन में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर देश की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तत्परता से आगे आते हैं।
रक्षा क्षमताओं को मजबूत करती है प्रादेशिक सेना
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रादेशिक सेना प्रशिक्षित और अनुशासित सैनिकों का एक मजबूत रिजर्व तैयार करती है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर तुरंत तैनात किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सेवा पूरी करने के बाद जब ये जवान नागरिक जीवन में लौटते हैं, तो वे समाज और सशस्त्र बलों के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करते हैं और युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं।
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आपदा राहत में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
रक्षा मंत्री ने प्रादेशिक सेना की आपदा प्रबंधन भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय यह बल राहत और बचाव कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता है।
केरल की बाढ़, ओडिशा चक्रवात और असम में आई बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान प्रादेशिक सेना के जवानों ने राहत कार्यों, बचाव अभियानों और चिकित्सा सहायता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पर्यावरण संरक्षण में भी आगे है प्रादेशिक सेना
राजनाथ सिंह ने बताया कि प्रादेशिक सेना की इकोलॉजिकल टास्क फोर्स ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। इन इकाइयों द्वारा अब तक लगभग 10 करोड़ पौधे लगाए गए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में पौधे सफलतापूर्वक संरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मिशन लाइफ’ और ‘पंचामृत’ लक्ष्यों को मजबूत करने में सहायक है।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान में योगदान की सराहना
रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में तैनात प्रादेशिक सेना द्वारा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी प्रशंसा की। बैठक में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित रक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रादेशिक सेना वर्तमान में लगभग 44,400 कर्मियों और 59 विभिन्न इकाइयों के साथ देश की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।