प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव आए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर कहा कि साल 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास और बदलाव का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और खेल जैसे क्षेत्रों में लोगों के लिए नए अवसर बढ़े हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को आगे बढ़ने, अपने सपनों को पूरा करने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का अवसर मिले।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद विकास को मिली गति
प्रधानमंत्री ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त करने का फैसला जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया। इस निर्णय के बाद दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली और लोगों को देश के संविधान के तहत मिलने वाले अधिकारों का पूरा लाभ मिलना शुरू हुआ।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और वंचित वर्गों सहित उन लोगों को भी सशक्त बनाने का काम हुआ, जो लंबे समय तक कई संवैधानिक अधिकारों से दूर रहे थे।
विकसित भारत के संकल्प में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को समान अवसर उपलब्ध कराना और क्षेत्र की प्रगति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए के समाप्त होने से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सफर में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता के लिए मुखर्जी का समर्पण हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए संघर्ष किया था और 5 अगस्त 2019 का निर्णय उनके विचारों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुआ।
5 अगस्त 2019 को लिया गया था ऐतिहासिक फैसला
बता दें कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को समाप्त कर जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म किया था। इसके साथ ही तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख – में विभाजित किया गया था।