रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गुजरात देश का प्रमुख रक्षा विनिर्माण केंद्र बन सकता है। रक्षा उत्पादन, निर्यात, 2,550 करोड़ रुपये के निवेश और आत्मनिर्भर भारत अभियान को लेकर उन्होंने बड़ी बातें कहीं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि गुजरात आने वाले समय में देश का प्रमुख रक्षा विनिर्माण और रक्षा प्रौद्योगिकी केंद्र बनकर उभर सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की मजबूत औद्योगिक क्षमता, कुशल मानव संसाधन और नवाचार की संस्कृति भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रक्षा उत्पादन और निर्यात में भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड
मध्य गुजरात के लिए आयोजित चौथे वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (VGRC) के समापन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। हालांकि, रक्षा क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए अभी लगातार प्रयास करने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। वहीं रक्षा निर्यात भी करीब 1,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 39,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने इसे भारत की रक्षा क्षमता में ऐतिहासिक बदलाव का संकेत बताया।
मेक इन इंडिया और स्टार्टअप्स को मिल रहा बड़ा प्रोत्साहन
राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’, आत्मनिर्भर भारत, आईडीईएक्स (iDEX), टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड, सृजन पोर्टल, सरल रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया और औद्योगिक लाइसेंसिंग जैसे सुधारों ने निजी कंपनियों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए रक्षा क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) नीति को भी उदार बनाया है, जिससे रक्षा क्षेत्र में निवेश और अत्याधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिला है।
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गुजरात बन रहा है रक्षा उद्योग का नया हब
रक्षा मंत्री ने कहा कि गुजरात रक्षा उद्योग के लिए तेजी से एक महत्वपूर्ण राज्य बन रहा है। वडोदरा में स्थापित टाटा-एयरबस C-295 सैन्य परिवहन विमान निर्माण परियोजना भारत के निजी रक्षा विमान निर्माण क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा गुजरात में निर्मित K-9 वज्र स्वचालित तोप प्रणाली भारतीय सेना की मारक क्षमता को और मजबूत कर रही है।
सेमीकंडक्टर और AI जैसी तकनीकों पर रहेगा भविष्य का फोकस
राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य की सुरक्षा और आर्थिक प्रगति में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि साणंद और धोलेरा में विकसित हो रहा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अहम योगदान देगा।
2,550 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री की उपस्थिति में 2,550 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने उद्योग जगत, स्टार्टअप्स और निवेशकों से रक्षा उत्पादन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया और भरोसा दिलाया कि सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव सहयोग और नीतिगत समर्थन उपलब्ध कराएगी।
गुजरात बनेगा विकसित भारत के रक्षा विजन का अहम आधार
रक्षा मंत्री ने कहा कि गुजरात की औद्योगिक क्षमता, नवाचार और निवेश का वातावरण भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने उद्योग जगत और स्टार्टअप्स से रक्षा क्षेत्र में नई तकनीकों और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने की अपील की।