Saturday, April 18, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान दौरा: ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल और ऊर्जा सहयोग पर ध्यान

by Neha
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान दौरा: ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल और ऊर्जा सहयोग पर ध्यान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 साल में चौथी बार भूटान दौरे पर, ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे और 1020 मेगावाट जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन करेंगे। जानें भारत-भूटान संबंधों पर इसका महत्व।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 साल में चौथी बार भूटान के दो दिवसीय राजकीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे ‘ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल’ में शामिल होंगे और भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक से शाही मुलाकात करेंगे।

1020 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन

मोदी और भूटानी राजा इस दौरे में पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना (1020 मेगावाट) का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना भारत-भूटान ऊर्जा सहयोग की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी।

भूटान के चौथे राजा का जन्मोत्सव

प्रधानमंत्री मोदी भूटान के चौथे राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें जन्मोत्सव समारोह में भी शामिल होंगे, जो देश के लिए ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।

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द्विपक्षीय वार्ता और सांस्कृतिक दौरे

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान के प्रधानमंत्री त्सेरिंग टोबगे से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। ऊर्जा, व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री थिम्फू स्थित ताशीछोजोग मठ में भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों के दर्शन और पूजा-अर्चना में शामिल होंगे। यह दौरा भारत और भूटान की साझा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।

भारत के विदेश मंत्रालय और राजदूत का बयान

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा दोनों देशों की अनुकरणीय साझेदारी को नई दिशा देगा। भूटान में भारत के राजदूत संदीप आर्य ने भी इस दौरे को खास बताया और कहा कि यह ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल और राजा के जन्मोत्सव दोनों महत्वपूर्ण अवसरों के साथ जुड़ा है।

भूटान के मंत्री का बयान

भूटान के मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग ने कहा कि भारत और भूटान के रिश्ते गहरे सम्मान और समझ पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी का शांति प्रार्थना समारोह में शामिल होना दोनों देशों के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत-भूटान संबंधों, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक शांति संदेश को मजबूत करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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