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क्या बच्चों पर Mosquito भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल सुरक्षित है? जानें

क्या बच्चों पर Mosquito भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल सुरक्षित है? जानें

by editor
क्या बच्चों पर Mosquito भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल सुरक्षित है? जानें

बरसात के दिनों में Mosquito का प्रकोप हर घर में बढ़ जाता है, खासकर छोटे बच्चों वाले परिवारों में. एक ओर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव की चिंता होती है, तो दूसरी ओर मच्छर भगाने वाली क्रीम, स्प्रे या कॉइल जैसे उत्पाद बच्चों की नाज़ुक त्वचा और सेहत पर क्या असर डालेंगे, इसका डर भी रहता है.

यही कारण है कि कई माता-पिता के मन में सवाल उठता है—क्या बच्चों पर Mosquito भगाने वाली क्रीम लगाना सुरक्षित है? नवजात और पांच साल तक के बच्चों के मामले में यह चिंता और भी बढ़ जाती है. कोई प्राकृतिक उपाय अपनाने की सलाह देता है, तो कोई रिपेलेंट क्रीम लगाने की. असली सच्चाई जानने के लिए विशेषज्ञों की राय ज़रूरी है.

 बच्चों की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है और उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी पूरी तरह विकसित नहीं होती. जो चीज़ें बड़ों के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं, वही बच्चों के लिए हानिकारक हो सकती हैं. क्रीम लगाने से खतरा इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि बच्चे खेलते समय हाथ या कपड़े आंख-मुंह से छू सकते हैं, जिससे क्रीम के कैमिकल शरीर में जा सकते हैं.

Mosquito भगाने वाली क्रीम में पाए जाने वाले प्रमुख कैमिकल:

  • DEET (Diethyltoluamide): सबसे आम रिपेलेंट रसायन, जिसकी मात्रा 5% से 100% तक हो सकती है. WHO के अनुसार, 10% से कम DEET वाले रिपेलेंट ही बच्चों के लिए सुरक्षित हैं. ज्यादा मात्रा से खुजली या स्किन एलर्जी हो सकती है.

  • Picaridin (Icaridin): DEET जैसा ही, लेकिन हल्की गंध और कम चिपचिपाहट वाला. बच्चों के लिए 10% से कम मात्रा उपयुक्त.

  • Oil of Lemon Eucalyptus (OLE): प्राकृतिक स्रोत से निकाला गया रसायन, लेकिन प्रोसेस्ड रूप में. तीन साल से छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं.

  • Permethrin: आमतौर पर कपड़ों या मच्छरदानी पर उपयोग होता है, त्वचा पर लगाने से एलर्जी या इंफेक्शन का खतरा.

बेहतर विकल्प:

  • सिट्रोनेला, लेमनग्रास या नीलगिरी के तेल वाले हर्बल रिपेलेंट का इस्तेमाल करें, जो अपेक्षाकृत सुरक्षित होते हैं.

  • बच्चों को फुल स्लीव कपड़े पहनाएं, मच्छरदानी का प्रयोग करें, और आसपास पानी जमा न होने दें.

  • अगर क्रीम लगानी हो तो डॉक्टर की सलाह लेकर बच्चों के लिए बनी, कम DEET वाली क्रीम चुनें और पहले पैच टेस्ट करें

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