वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने रंगला पंजाब विकास योजना की समीक्षा कर फेज-1 और फेज-2 परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
पंजाब सरकार ने ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ के तहत चल रही आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। राज्य के वित्त एवं योजना मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मगसीपा) में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी विभागों और जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में रंगला पंजाब विकास योजना के पहले दो चरणों की प्रगति की समीक्षा की गई, जबकि तीसरे चरण की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवाड़ तथा राज्य के सभी उपायुक्त मौजूद रहे।
फेज-1 और फेज-2 के लिए तय हुई सख्त डेडलाइन
हरपाल सिंह चीमा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फेज-1 के तहत सभी विकास परियोजनाओं को 31 जुलाई तक और फेज-2 के सभी कार्यों को 31 अगस्त तक हर हाल में पूरा किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक जिले के अधिकारी निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करें और परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते रहें।
15 अगस्त तक फेज-3 की परियोजनाओं की सूची तैयार करने के निर्देश
वित्त मंत्री ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे 15 अगस्त तक शुरू की जा सकने वाली फेज-3 की परियोजनाओं और अन्य विकास कार्यों की पहचान कर उनकी विस्तृत सूची तैयार करें।
सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना और राज्यभर में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है।
गुणवत्ता से समझौता नहीं करेगी सरकार
बैठक के दौरान मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सरकार निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरी हो चुकी परियोजनाओं की वास्तविक तस्वीरें सीधे फील्ड से अपलोड की जाएं, ताकि कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का पारदर्शी रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
मुख्य सचिव ने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी या कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा लापरवाही बरती गई या निर्माण मानकों से समझौता किया गया तो उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
also read:- पंजाब की ‘मेरी रसोई’ योजना ने पार किया 25 लाख राशन किट…
एसडीएम और एडीसी स्तर पर भी होगी निगरानी
अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवाड़ ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे उपमंडल मजिस्ट्रेटों (SDM) को विधानसभा क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपें।
उन्होंने कहा कि एसडीएम नियमित रूप से फील्ड का दौरा करें और विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता तथा प्रगति का व्यक्तिगत निरीक्षण करें। साथ ही अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) भी अपने स्टाफ के माध्यम से सभी परियोजनाओं की लगातार निगरानी सुनिश्चित करें।
जिला अधिकारियों ने साझा की प्रगति रिपोर्ट
समीक्षा बैठक के दौरान राज्यभर के उपायुक्तों ने अपने-अपने जिलों में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति और उन्हें समय पर पूरा करने के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों की जानकारी दी।
अधिकारियों ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। बैठक में प्राप्त फीडबैक के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई।
आधारभूत ढांचे के विकास पर सरकार का फोकस
पंजाब सरकार का कहना है कि ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ के माध्यम से राज्य में सड़कों, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, जवाबदेही और गुणवत्ता नियंत्रण को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि विकास कार्यों का लाभ लोगों तक समय पर पहुंच सके।