दिल्ली प्रशासनिक सुधार: अब 13 राजस्व जिले, नगर निगम जोन और सीमाएं होंगी एक जैसी

by Neha
दिल्ली प्रशासनिक सुधार: अब 13 राजस्व जिले, नगर निगम जोन और सीमाएं होंगी एक जैसी

दिल्ली में प्रशासनिक सुधार: अब 13 राजस्व जिले, नगर निगम जोन की सीमाएं एक जैसी। एसडीएम की संख्या बढ़ी और हर जिले में मिनी सचिवालय बनेगा।

दिल्ली सरकार ने राजधानी के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। अब 13 राजस्व जिले बनाए गए हैं और नगर निगम जोन की सीमाओं के साथ इन्हें समायोजित किया गया है। इससे अधिकारियों और आम नागरिकों दोनों के लिए प्रशासनिक कामकाज में सुविधा बढ़ेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह दशकों से लंबित समस्या अब केवल 10 महीनों में हल कर दी गई है।

सीमाओं का एकीकरण और मिनी सचिवालय

नई व्यवस्था के तहत राजस्व जिले और नगर निगम जोन की सीमाएं अब एक जैसी होंगी, जिससे अधिकार क्षेत्र को लेकर भ्रम समाप्त होगा। इसके अलावा, हर जिले में मिनी सचिवालय स्थापित किया जाएगा, जहाँ जनता से जुड़े सभी प्रमुख सरकारी काम एक ही छत के नीचे होंगे। इसका उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर से बचाना और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी तेज करना है।

जिलों और एसडीएम की संख्या में वृद्धि

नए जिलों के गठन के साथ ही एसडीएम की संख्या 33 से बढ़ाकर 39 कर दी गई है। नई दिल्ली और मध्य जिले में दो-दो एसडीएम होंगे, जबकि दक्षिणी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में चार-चार एसडीएम तैनात किए जाएंगे। बाकी जिलों में तीन-तीन एसडीएम कार्यभार संभालेंगे।

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आम जनता के लिए फायदे

इस बदलाव से सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और प्रशासन आम नागरिकों के और करीब आएगा। अधिकारियों पर काम का दबाव संतुलित होगा और सीमाओं को लेकर असमंजस समाप्त होगा। साथ ही, राजस्व विभाग, नगर निगम और अन्य एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर होगा। शहरी योजना, आपदा प्रबंधन और भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन भी अधिक प्रभावी होंगे।

13 राजस्व जिले और उनके प्रमुख एसडीएम कार्यालय

  • दक्षिणी पूर्वी: जंगपुरा, कालकाजी, बदरपुर

  • पुरानी दिल्ली: सदर बाजार एवं चांदनी चौक

  • उत्तरी: बुराड़ी, आदर्शनगर, बादली

  • नई दिल्ली: दिल्ली कैंट एवं नई दिल्ली

  • मध्य जिला: पटेल नगर एवं करोलबाग

  • मध्य उत्तरी: शकूर बस्ती, शालीमारबाग एवं मॉडल टाउन

  • दक्षिणी पश्चिमी: नजफगढ़, मटियाला, द्वारका एवं बिजवासन

  • बाहरी उत्तरी: मुंडका, नरेला, बवाना

  • उत्तरी पश्चिमी: किराड़ी, नांगलोई जाट एवं रोहिणी

  • उत्तरी पूर्वी: करावल नगर, गोकलपुरी, यमुना विहार एवं शाहदरा

  • पूर्वी जिला: गांधीनगर, विश्वास नगर एवं पटपड़गंज

  • दक्षिणी: छतरपुर, मालवीय नगर, देवली एवं मेहरौली

  • पश्चिमी: विकासपुरी, जनकपुरी एवं राजौरी गार्डन

बजट और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण

इस बदलाव को लागू करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 25 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। सरकार का मानना है कि यह निवेश प्रशासनिक सुधार में मील का पत्थर साबित होगा और जनता तक सीधे लाभ पहुंचेगा।

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