Saturday, April 18, 2026

दिल्ली में नया स्मृति स्थल: सद्भावना उद्यान अब अटल बिहारी वाजपेयी सद्भावना उद्यान के नाम से जाना जाएगा

by Neha
दिल्ली में नया स्मृति स्थल: सद्भावना उद्यान अब अटल बिहारी वाजपेयी सद्भावना उद्यान के नाम से जाना जाएगा

दिल्ली के रिंग रोड स्थित सद्भावना उद्यान का नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी सद्भावना उद्यान किया गया। 11 एकड़ में फैला यह पार्क अब नया स्मृति स्थल बनेगा।

देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर राजधानी दिल्ली को एक नया स्मृति स्थल मिला है। रिंग रोड पर स्थित सद्भावना उद्यान का नाम बदलकर अब अटल बिहारी वाजपेयी सद्भावना उद्यान कर दिया गया है। यह पार्क अब न केवल हरियाली का केंद्र रहेगा, बल्कि अटल जी की स्मृतियों और उनके सार्वजनिक जीवन का प्रतीक भी बनेगा।

11 एकड़ में फैला आधुनिक उद्यान

महात्मा गांधी मार्ग (रिंग रोड) के किनारे स्थित यह पार्क लगभग 11 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है। पहले इसे एक सामान्य सार्वजनिक पार्क के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब इसके नए नाम और स्वरूप के साथ इसकी पहचान और महत्व दोनों बढ़ गए हैं।

जन्म शताब्दी पर लिया गया अहम फैसला

अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में इस प्रमुख सार्वजनिक स्थल को उनके नाम से समर्पित करने का निर्णय लिया गया। बुधवार को दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने औपचारिक रूप से पार्क के नए नाम की घोषणा की।

युवाओं के लिए प्रेरणास्थल बनेगा उद्यान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह उद्यान केवल एक पार्क नहीं, बल्कि अटल जी की विचारधारा, शालीन भाषा और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने का माध्यम बनेगा। खासतौर पर युवाओं के लिए यह स्थान प्रेरणा का केंद्र साबित होगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस

इस उद्यान को आधुनिक शहरी जरूरतों के अनुसार विकसित किया गया है। यहां

  • हरे-भरे लॉन

  • संगमरमर से बने वॉकिंग ट्रैक

  • छायादार बैठने की जगह

  • खुले मनोरंजन क्षेत्र

  • बारादरी और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं मौजूद हैं

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भव्य मूर्ति और कलाकृतियां बनीं आकर्षण

उद्यान के केंद्र में एक विशाल कलात्मक संरचना स्थापित की गई है, जिसमें एक सारथी के साथ पांच सफेद घोड़े दिखाए गए हैं। यह नेतृत्व, दिशा और गति का प्रतीक मानी जा रही है। यह संरचना फव्वारों से घिरे जलाशय के बीच स्थित है।

इसके अलावा, प्रसिद्ध मूर्तिकार सुदर्शन साहू द्वारा बनाई गई चार यक्षिणी मूर्तियां भी पार्क में स्थापित की गई हैं, जो परिसर को सांस्कृतिक पहचान देती हैं। एक क्लॉक टावर का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है और भविष्य में यहां अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाए जाने की योजना है।

आम जनता के लिए पूरी तरह खुला

कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रवेश टिकट खरीदकर पार्क में प्रवेश किया। इसका उद्देश्य यह संदेश देना था कि यह उद्यान पूरी तरह से आम जनता के लिए है।

यह पार्क 1.7 किलोमीटर क्षेत्र में विकसित हो रही 35 एकड़ की ग्रीन परियोजना का हिस्सा है। इस श्रृंखला में पहले ही क्रांति उद्यान को जनता के लिए खोला जा चुका है, जबकि बाकी हिस्सों पर काम जारी है।

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