हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को भारत की आस्था, स्वाभिमान और आत्मबल का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल रूप से जुड़ा कार्यक्रम
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सान्निध्य में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर इसलिए क्योंकि इस वर्ष सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के स्वाभिमान, श्रद्धा और आत्मबल का प्रतीक है!
आज कुरुक्षेत्र में आयोजित #सोमनाथ_स्वाभिमान_पर्व के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होकर गर्व और आस्था की अद्भुत अनुभूति हुई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi… pic.twitter.com/lJgZ9ZAgv4
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) May 11, 2026
सोमनाथ मंदिर: संघर्ष और पुनर्जागरण का प्रतीक
सीएम सैनी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास केवल एक धार्मिक स्थल का इतिहास नहीं है, बल्कि यह भारत की सहनशीलता, संघर्ष और पुनर्जागरण की गाथा भी है। उन्होंने कहा कि अनेक आक्रमणों के बावजूद यह मंदिर हर बार और अधिक मजबूती के साथ पुनः स्थापित हुआ, जो भारतीय आस्था की शक्ति को दर्शाता है।
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राष्ट्रव्यापी पर्व की शुरुआत
उन्होंने बताया कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का आयोजन 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक पूरे देश में किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति, आस्था और स्वदेशी चेतना को जन-जन तक पहुंचाना है।
संस्कृति और विरासत को मजबूत करने का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारतीय समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस संदेश को आगे बढ़ाएं और भारतीय संस्कृति व परंपराओं को मजबूत करें।