मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुद्वारा श्री जोतिसर साहिब में मत्था टेककर श्री अखंड पाठ साहिब के समापन में भाग लिया। उन्होंने पंजाब की तरक्की, शांति और ‘रंगला पंजाब’ की कामना करते हुए सरबत दा भला के लिए अरदास की।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुद्वारा श्री जोतिसर साहिब (छठा तख्त) में श्री अखंड पाठ साहिब के समापन अवसर पर मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने गुरु साहिब के प्रति आभार व्यक्त करते हुए राज्य की शांति, समृद्धि और प्रगति की कामना की।
अखंड पाठ के समापन में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने पवित्र स्थल पर पहुंचकर गुरुद्वारा श्री जोतिसर साहिब में चल रहे श्री अखंड पाठ साहिब के समापन समारोह में भाग लिया। उन्होंने गुरु हरगोबिंद साहिब जी के चरणों में नमन किया और धार्मिक सेवा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
ਅੱਜ ਇਤਿਹਾਸਕ ਅਸਥਾਨ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸ੍ਰੀ ਜੋਤੀਸਰ ਸਾਹਿਬ (ਛੇਵੀਂ ਪਾਤਸ਼ਾਹੀ) ਵਿਖੇ ਸ੍ਰੀ ਅਖੰਡ ਪਾਠ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਭੋਗ ਦੌਰਾਨ ਨਤਮਸਤਕ ਹੋਣ ਦਾ ਸੁਭਾਗ ਮਿਲਿਆ।
ਮੀਰੀ-ਪੀਰੀ ਦੇ ਮਾਲਕ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਹਰਿਗੋਬਿੰਦ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ ਇਸ ਪਵਿੱਤਰ ਅਸਥਾਨ ‘ਤੇ ਬੇਅਦਬੀ ਵਿਰੁੱਧ ਸਖ਼ਤ ਕਾਨੂੰਨ ਦੀ ਸੇਵਾ ਬਖ਼ਸ਼ਣ ਲਈ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਦਾ ਸ਼ੁਕਰਾਨਾ ਕੀਤਾ।
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— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 11, 2026
धार्मिक बेअदबी के खिलाफ सख्त कानूनों का उल्लेख
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह पवित्र स्थल मिरी-पिरी के छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी से जुड़ा है, जो न्याय और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का संतोष है कि राज्य में धार्मिक बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
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पंजाब की खुशहाली के लिए अरदास
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “सरबत दा भला” की भावना के साथ पंजाब की तरक्की और सभी नागरिकों की भलाई के लिए अरदास की। उन्होंने राज्य को फिर से “रंगला पंजाब” बनाने की कामना की, जिसमें खुशहाली, विकास और सांस्कृतिक समृद्धि हो।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
गुरुद्वारा श्री जोतिसर साहिब सिख इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह स्थल आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश देता है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे को पंजाब की धार्मिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।