उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की और आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी और पराक्रम की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारत के लिए एक निर्णायक क्षण था, जब देश ने अपनी शांति, एकता और संप्रभुता को चुनौती देने वाली आतंकी ताकतों और उनके प्रायोजकों को स्पष्ट और मजबूत जवाब दिया।
सेना के साहस और कार्रवाई की सराहना
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और समर्पण के कारण आतंकवादी नेटवर्क को प्रभावी तरीके से निशाना बनाकर नष्ट किया गया। उन्होंने कहा कि सेना का यह योगदान देश के हर नागरिक के लिए गर्व का विषय है।
Today marks one year since Operation Sindoor, a defining moment when India responded firmly to terror forces and terror-sponsoring states attempting to disturb the peace, unity, and sovereignty of Bharat.
The unwavering courage and valour of our Armed Forces ensured that terror…
— Vice-President of India (@VPIndia) May 7, 2026
आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर अडिग रहेगा। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत पहलगाम में हुए आतंकी हमले को कभी नहीं भूल सकता और हर प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से मुकाबला करता रहेगा।
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ऑपरेशन सिंदूर का सैन्य संदर्भ
रिपोर्ट्स के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले के बाद 7 मई 2025 को शुरू किए गए इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओजेके में स्थित कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में आतंकवादियों के मारे जाने की भी जानकारी सामने आई।
संघर्ष और युद्धविराम
ऑपरेशन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच कुछ दिनों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसके बाद 10 मई को सैन्य स्तर पर बातचीत के जरिए युद्धविराम पर सहमति बनी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पूरा अभियान भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है।