केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अमरनाथ यात्रा 2026 की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। जानें यात्रा की तारीख, सुरक्षा व्यवस्था और अहम अपडेट।
आगामी अमरनाथ यात्रा 2026 की सुरक्षा और परिचालन तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने पर विस्तृत चर्चा की गई।
3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा
अधिकारियों के अनुसार, पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है, जो लगभग 57 दिनों तक चलेगी। यह तीर्थयात्रा हिमालय में स्थित 3,880 मीटर ऊंची पवित्र गुफा तक जाती है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
बैठक में शामिल हुए शीर्ष अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और सीआरपीएफ महानिदेशक जीपी सिंह सहित कई वरिष्ठ सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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व्यापक सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। इस दौरान उन्नत निगरानी तकनीक, इंटेलिजेंस इनपुट और मल्टी-एजेंसी कोऑर्डिनेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यात्रा मार्ग और तैयारियां
श्रद्धालु दो प्रमुख मार्गों से यात्रा करेंगे—
- अनंतनाग जिले से 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग
- गांदरबल जिले से 14 किलोमीटर छोटा लेकिन कठिन बालटाल मार्ग
प्रशासन ने दोनों मार्गों पर आधारभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, कनेक्टिविटी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों की तैनाती
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यात्रा मार्ग पर कई आधुनिक सुरक्षा उपकरण तैनात किए हैं, जिनमें पोर्टेबल आरसीआईईडी जैमर, मेटल डिटेक्टर, विस्फोटक जांच उपकरण, सीसीटीवी सिस्टम और अन्य निगरानी तकनीक शामिल हैं।
इसके अलावा, “पहचान ऐप” नाम से एक QR कोड आधारित डिजिटल सिस्टम भी लॉन्च किया गया है, जिससे यात्रा मार्ग पर काम करने वाले कर्मचारियों और विक्रेताओं की पहचान की जाएगी। इससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
सीआरपीएफ और अन्य एजेंसियों की भूमिका
सीआरपीएफ ने भी सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है। महानिदेशक जीपी सिंह ने बालटाल बेस कैंप और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
उन्होंने सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि सुरक्षित और शांतिपूर्ण तीर्थयात्रा सुनिश्चित करना प्राथमिक लक्ष्य है।