गोविंदपुरी अग्निकांड पर सौरभ भारद्वाज ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हर बड़े हादसे के बाद रिपोर्टें सामने आनी चाहिए ताकि जवाबदेही तय हो सके।
दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में हुई दर्दनाक आग की घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जबकि कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
उन्होंने कहा कि इस त्रासदी के दौरान स्थानीय लोगों और पड़ोसियों ने जिस साहस और मानवता का परिचय दिया, वह सराहनीय है। कई लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना फंसे हुए लोगों को बचाने का प्रयास किया। कहीं साड़ियों के सहारे लोगों को नीचे उतारा गया तो कहीं पड़ोसियों ने राहत और बचाव कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई।
हर बड़े अग्निकांड के बाद उठता है वही सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में आग की बड़ी घटनाओं के बाद एक समान पैटर्न देखने को मिलता है। हादसा होने के तुरंत बाद जांच के आदेश जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन बाद में उन जांचों की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती।
उन्होंने कहा कि गोविंदपुरी से पहले पालम, विवेक विहार और मालवीय नगर जैसे कई गंभीर अग्निकांड सामने आ चुके हैं। इन सभी मामलों में जांच की बात हुई, लेकिन जनता आज तक उन रिपोर्टों का इंतजार कर रही है।
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जवाबदेही तय करने के लिए रिपोर्ट सार्वजनिक होना जरूरी
आप नेता ने सवाल उठाया कि यदि जांच रिपोर्टें सामने ही नहीं आएंगी तो यह कैसे पता चलेगा कि हादसे की असली वजह क्या थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
उन्होंने कहा कि केवल जांच के आदेश देना पर्याप्त नहीं है। जरूरी यह है कि रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, जिम्मेदार लोगों की पहचान हो और उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
दिल्ली की जनता को चाहिए जवाब
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के नागरिकों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि बार-बार होने वाले अग्निकांडों के पीछे क्या कारण हैं और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने मांग की कि गोविंदपुरी अग्निकांड समेत दिल्ली में हुए सभी बड़े अग्निकांडों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि जवाबदेही तय हो सके और लोगों का भरोसा कायम रहे।
पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों हैं जरूरी
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि जांच रिपोर्टों को सार्वजनिक किया जाएगा तो न केवल प्रशासनिक जवाबदेही तय होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुधारात्मक कदम भी उठाए जा सकेंगे।