Wednesday, September 30, 2026

मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत अक्टूबर में कब रखा जाएगा? सटीक तारीख और पूजा मुहूर्त को यहाँ देखें

by editor
मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत अक्टूबर में कब रखा जाएगा? सटीक तारीख और पूजा मुहूर्त को यहाँ देखें

हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी व्रत बहुत महत्वपूर्ण है। श्रद्धालु इस दिन उपवास करके मां दुर्गा की पूजा करते हैं। तो आप अक्टूबर में दुर्गाष्टमी व्रत की तारीख और मुहूर्त को यहां पढ़ सकते हैं।

मासिक दुर्गाष्टमी व्रत माँ दुर्गा को समर्पित है। इस दिन माता रानी को व्रत रखकर विधिपूर्वक पूजा जाती है। धार्मिक मत है कि इस दिन जो भी भक्त पूरी श्रद्धा से मां दुर्गा की आराधना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही जीवन में आने वाले सभी दुःख भी दूर हो जाते हैं।दुर्गा अष्टमी का व्रत प्रत्येक महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को किया जाता है। शारदीय नवरात्रि अक्टूबर की दुर्गाष्टमी है। इसलिए दुर्गाष्टमी का खास महत्व बताया जाता है। तो चलिए जानते हैं कि मासिक दुर्गाष्टमी कब मनाई जाएगी और शुभ मुहूर्त क्या होगा।

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मासिक दुर्गाष्टमी व्रत की तिथि: अक्टूबर 2026

पंचांग के अनुसार, 18 सितंबर को आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि सुबह 8 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी। 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर अष्टमी तिथि का समापन होगा। 19 अक्टूबर 2026 को मासिक दुर्गाष्टमी होगी।

2026 में मासिक दुर्गाष्टमी का शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त 04:55 AM से 05:44 AM तक चलता है

प्रातः संध्या 05:20 AM से 06:34 AM

अभिजित मुहूर्त 12:00 PM से 12:47 PM तक चलेगा।

विजेता मुहूर्त: 02:20 PM से 03:06 PM

गोधूलि मुहूर्त 06:13 PM से 06:38 PM तक चलता है

सायाह्न संध्या 06:13 PM से 07:27 PM

अमृत काल 08:29 AM से 10:16 AM तक

निशिता मुहूर्त: 20 अक्टूबर को 11:59 PM से 12:48 AM

शारदीय नवरात्रि, वर्ष 2026

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इसी दिन घट या कलश की स्थापना की जाएगी। विजयादशमी 20 अक्टूबर को नवरात्रि का समापन होगा। 19 अक्टूबर को महादुर्गाष्टमी, शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पूजा भी होगी। दुर्गा नवरात्रि के सभी नौ दिनों में कुमारी पूजा की जाती है। महाष्टमी पर्व पर पौराणिक संधि भी पूजा जाती है। संधि काल अष्टमी तिथि के अंतिम चौबीस मिनट और नवमी तिथि के पहले चौबीस मिनट है। संधि काल को पूरे दुर्गा पूजा उत्सव में सबसे शुभ और पवित्र समझा जाता है। संधि पूजा एक बहुत महत्वपूर्ण अनुष्ठान है जो दुर्गा पूजा उत्सव का अंत है।

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