30 सितंबर 2026: आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि बुधवार को है। कल चतुर्थी तिथि है, इसलिए श्राद्ध होगा। बुधवार, 30 सितंबर को पंचांग और राहुकाल के समय को जानें।
30 सितंबर 2026 को बुधवार है और आश्विन मास की चतुर्थी तिथि है। चतुर्थी तिथि कल दोपहर दो बजे 56 मिनट तक रहेगी। पंचमी तिथि इसके बाद लगेगी। कल चतुर्थी तिथि है, इसलिए श्राद्ध होगा। वहीं कल रात 12 बजे 21 मिनट तक वज्र योग रहेगा। कृतिका नक्षत्र कल 30 सितंबर को पूरे दिन और पूरी रात रहेगा, अगले दिन सुबह 6 बजकर 3 मिनट तक। बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए।
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30 सितंबर 2026 का पंचांग
- 30 सितंबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को दोपहर 2 बजे 56 मिनट तक
- वज्र योग- 30 सितंबर को 12 बजे 21 मिनट तक रात
- कृतिका नक्षत्र- ३० सितंबर को अगले दिन सुबह छह बजकर ३ मिनट तक पूरा दिन और पूरी रात चलेगा।
30 सितंबर 2026 शुभ दिन है
- ब्रह्म मुहूर्त 04:37 AM से 05:25 AM तक चलता है
- प्रातःकाल 05:01 AM से 06:13 AM तक
- अभिजित समय—कोई नहीं
- विजय मुहूर्त: 02:10 PM से 02:58 PM
- गोधूलि मुहूर्त 06:08 PM से 06:33 PM तक चलता है
- सायाह्न सन्ध्या 06:08 PM से 07:21 PM तक होती है
- अक्टूबर 1 को 03:48 AM से 05:17 AM तक अमृत काल
- 30 सितंबर 2026 को चतुर्थी पूजा होगी।
- कुतुप मुहूर्त 11:47 AM से 12:35 PM तक चलता है
- रौहिण मुहूर्त: 12:35 PM से 01:22 PM
अपराह्न काल 01:22 PM से 03:45 PM
राहुकाल का समय
- दिल्ली: दोपहर 12:10 से 01:40
- मुंबई: 12:30 से 01:58
- चंडीगढ़: दोपहर 12:13 से 01:42
- लखनऊ: दोपहर पहले 11:56:00 से 01:26:00 तक
- दोपहर 12:10 से दोपहर 01:40 तक भोपाल में
- कोलकाता: प्रातः 11:26 से प्रातः 12:56 तक
- अममदाबाद: दोपहर 12:30 से 01:59
- चेन्नई: दोपहर पहले 12 बजे से दोपहर 1 बजे तक
सूर्योदय का समय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 06:13
- सूर्योदय: शाम 06:08
चतुर्थी श्राद्ध
कल चतुर्थी तिथि है, इसलिए श्राद्ध होगा। यानि जिनका जन्म कृष्ण या शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को हुआ हो। इस दिन श्राद्ध करने से व्यक्ति को शत्रुओं से होने वाले अहित का पहले से ही पता चलता है और सावधानी से अपना काम करता है। इस दिन श्राद्ध करके लाभ उठाना चाहिए।