सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए, जेडीए ने कोचिंग संस्थानों को नोटिस भेजा और उन्हें एक से सात दिन के अंदर कोचिंग बंद करने का समय दिया।
राजधानी जयपुर में, जयपुर विकास प्राधिकरण जेडीए और कोचिंग संस्थान एक दूसरे से संघर्ष कर रहे हैं। जेडीए ने गोपालपुरा बाईपास पर जयपुर में कई कोचिंग संस्थानों को नोटिस भेजा है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर कोचिंग संस्थानों को एक से सात दिन के अंदर बंद करने के लिए कहा गया है। जयपुर में इस आदेश के खिलाफ 200 से अधिक कोचिंग संस्थानों ने हड़ताल कर दी है। व्यापारियों और बिल्डिंग मालिकों के संगठनों ने उनकी हड़ताल का समर्थन किया है। लेकिन इसके बावजूद जेडीए ने कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
19 अगस्त, बुधवार को जेडीए ने कोचिंग संस्थानों को नोटिस भेजा। इसमें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देकर गोपालपुरा बाईपास पर शिक्षण संस्थानों को एक दिन से सात दिन के अंदर बंद करने का नोटिस दिया गया है। जेडीए ने एक नोटिस में कहा कि 21 जुलाई को कोचिंग संस्थानों को नोटिस दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कोचिंग संस्थानों ने संचालन नहीं बंद किया।
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जेडीए की नोटिस मिलने पर कोचिंग संस्थानों में दहशत फैल गई।
जेडीए की कार्रवाई के खिलाफ कोचिंग एसोसिएशन ने तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस करके हड़ताल की चेतावनी दी। इसके बाद, 20 अगस्त को कोचिंग सेंटर संचालकों ने एक दिन की हड़ताल की है। लेकिन हड़ताल के बावजूद कार्रवाई और जांच तेज हो गई है। जेडीए की टीम ने अब तक एक कोचिंग सेंटर को सीज किया है, और अन्य कोचिंग सेंटरों की भी जांच की जा रही है। जेडीए की कार्रवाई ने कोचिंग संचालकों को परेशान कर दिया है।शिक्षण संस्थाओं की हड़ताल
कोचिंग संस्थानों की हड़ताल: जयपुर के गोपालपुरा बाईपास पर जेडीए के नोटिस के खिलाफ 200 से अधिक कोचिंग संस्थान पूरी तरह से बंद रहे। राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की घोषणा की, जिसके दौरान सभी पुस्तकालय और अध्ययन हॉल भी बंद रहेंगे। इस हड़ताल को स्थानीय व्यापार मंडल, बिल्डिंग मालिक एसोसिएशन और कोचिंग संचालकों ने भी समर्थन दिया।
एसोसिएशन का दावा है कि 160 फीट की सड़क को 5 जुलाई 2021 और 26 जुलाई 2022 को कोचिंग के लिए खुद अधिसूचित किया गया था। इस पूरे क्षेत्र को कोचिंग हब बनाने का भी स्पष्ट लक्ष्य है, जो वर्ष 2022 के विशेष परियोजना विकास योजना में शामिल है। संस्थानों ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि एडवोकेट जनरल सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई में अपना पक्ष रखें। एसोसिएशन ने कार्रवाई और सीलिंग पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है, क्योंकि वे मामले को विधिक रूप से हाईकोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।