हरजोत सिंह बैंस ने सरकारी स्कूलों में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी। 16 हजार स्कूलों में ₹2,300 करोड़ से बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बच्चों को बेहतर सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
20 हजार स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं पर जोर
हरजोत सिंह बैंस के अनुसार, राज्य के सरकारी स्कूलों में पहले कई जगहों पर चारदीवारी, शौचालय और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी थी। सरकार की ओर से इन कमियों को दूर करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया गया है।
उन्होंने बताया कि करीब 99.99 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में चारदीवारी की सुविधा सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा स्कूलों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग एवं स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
बच्चों के लिए डेस्क और पीने के पानी की व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए अलग शौचालय बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
9 हजार से ज्यादा नए कमरे और अन्य सुविधाएं
शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में करीब 9,000 नए क्लासरूम, लैब, स्टाफ रूम और बहुउद्देश्यीय हॉल तैयार किए गए हैं। इसके साथ ही 10,000 से अधिक स्कूलों में आधुनिक इंटरैक्टिव पैनल लगाए गए हैं। सरकारी स्कूलों में आधुनिक कंप्यूटर लैब की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि करीब 99 प्रतिशत स्कूलों में वाई-फाई सुविधा पहुंच चुकी है। खेल प्रशिक्षण और अन्य आधुनिक सुविधाओं को भी स्कूल स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
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पहली बार सरकारी स्कूलों में बस सुविधा
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में पहली बार बस सुविधा शुरू की गई है। इसके साथ शिक्षकों को भी जरूरी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कैंपस मैनेजर की भूमिका के लिए राजपत्रित अधिकारियों की तैनाती की गई है। 500 से अधिक विद्यार्थियों की क्षमता वाले वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में दो सुरक्षा कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है।
स्कूलों की सफाई के लिए हर महीने मिल रही राशि
शिक्षा मंत्री के अनुसार, 100 से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों में सफाई व्यवस्था के लिए स्कूलों को हर महीने 3,000 से 50,000 रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्कूलों में साफ-सुथरा और सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले किताबें उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
पंजाब में स्कूलों में AI को अनिवार्य विषय बनाने का दावा
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है, जहां स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अनिवार्य विषय के तौर पर शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर को देखते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना जरूरी है। इसी दिशा में स्कूलों में डिजिटल और तकनीकी शिक्षा को बढ़ाया जा रहा है।
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਸੁਧਾਰ ਰਹੀ ਸਿੱਖਿਆ ਦਾ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚਾ !!
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @harjotbains ਨੇ ਸਾਂਝੀ ਕੀਤੀ ਅਹਿਮ ਜਾਣਕਾਰੀ
👉🏻 PGI Index 2.0 (2024-25) ‘ਚ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ ਪਹਿਲਾ ਰੈਂਕ
👉🏻 ਕਲਾਸਰੂਮ ਲਰਨਿੰਗ ਆਊਟਕਮ ‘ਚ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ ਦੇਸ਼ ‘ਚੋਂ ਪਹਿਲਾ ਸਥਾਨ
👉🏻 ਪਰਖ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸਰਵੇਖਣ ‘ਚ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ ਪਹਿਲਾ ਸਥਾਨ
👉🏻 3.64 ਲੱਖ ਬੱਚਿਆਂ… pic.twitter.com/XiFGkZ1PWN— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 18, 2026
PGI Index में पंजाब को शीर्ष स्थान
शिक्षा मंत्री ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी उपलब्धियां भी गिनाईं। उनके अनुसार, पंजाब ने PGI Index 2.0 2024-25 में शीर्ष रैंक हासिल की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य ने कक्षा में सीखने के परिणामों और राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वेक्षण में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। बैंस के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में 3.64 लाख बच्चों ने निजी स्कूलों से निकलकर सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है।
JEE और NEET में भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 786 विद्यार्थियों ने JEE और 2,166 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा में सफलता हासिल की है।
इसके अलावा राज्य में 40 स्किल एजुकेशन स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इन स्कूलों के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित स्कूलों का पुनर्निर्माण जारी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित सरकारी स्कूलों को दोबारा बेहतर स्थिति में लाने का काम लगातार जारी है। सरकार प्रभावित स्कूलों के पुनर्निर्माण और आवश्यक मरम्मत पर ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के करीब 16,000 स्कूलों का विवरण तैयार किया गया है, जिनमें विकास कार्यों पर कुल 2,300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
शहरीकरण वाले क्षेत्रों में भी समाधान की कोशिश
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब में 100 से कम ऐसे स्कूल हैं, जहां शहरीकरण की वजह से निर्माण कार्यों को पूरा करने में दिक्कतें आ रही हैं। सरकार इन स्कूलों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने और आवश्यक समाधान निकालने पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर फोकस
हरजोत सिंह बैंस के मुताबिक, सरकार का फोकस केवल स्कूलों की इमारतों को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा, खेल, कौशल प्रशिक्षण और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना भी लक्ष्य है। सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विकास कार्य आगे भी जारी रहेंगे।