CRPF Foundation Day पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों को शुभकामनाएं दीं। जानें सीआरपीएफ के इतिहास, भूमिका और देश की आंतरिक सुरक्षा में योगदान की पूरी जानकारी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर के जवानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सीआरपीएफ कर्मियों के साहस, समर्पण और देश की आंतरिक सुरक्षा में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सीआरपीएफ के जवानों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया है। आंतरिक सुरक्षा की रक्षा से लेकर जरूरत के समय नागरिकों की सहायता तक, बल के जवानों ने हमेशा देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
माओवाद के खिलाफ लड़ाई में CRPF की भूमिका को सराहा
प्रधानमंत्री मोदी ने माओवाद के खतरे को कम करने में सीआरपीएफ के प्रयासों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बल के जवानों के अथक प्रयासों से कई क्षेत्रों में शांति और विकास को बढ़ावा मिला है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश जारी करते हुए कहा कि सीआरपीएफ ने अपने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा से देश में एक अलग पहचान बनाई है।
Greetings to all CRPF personnel on their Raising Day. The CRPF has distinguished itself through its unwavering courage and commitment to duty. From safeguarding internal security to serving citizens during challenging situations, CRPF personnel have always placed the nation… pic.twitter.com/vfi9v3xR61
— Narendra Modi (@narendramodi) July 27, 2026
पीएम मोदी ने जवानों के समर्पण को किया सलाम
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सीआरपीएफ के सभी जवानों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने बल के जवानों की बहादुरी और सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि चाहे आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी हो या चुनौतीपूर्ण हालात में आम नागरिकों की मदद, सीआरपीएफ हमेशा मजबूती के साथ खड़ा रहा है।
CRPF का इतिहास और महत्व
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल भारत का प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सीआरपीएफ की स्थापना सबसे पहले 27 जुलाई 1939 को क्राउन रिप्रेजेंटेटिव्स पुलिस के रूप में हुई थी। बाद में सीआरपीएफ अधिनियम लागू होने के बाद 28 दिसंबर 1949 को इसे वर्तमान नाम मिला।
आज सीआरपीएफ दुनिया का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल माना जाता है। यह देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने, आतंकवाद विरोधी अभियानों, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करता है।
देश की सुरक्षा में CRPF का अहम योगदान
सीआरपीएफ के जवान देश के विभिन्न हिस्सों में कठिन परिस्थितियों में तैनात रहते हैं। प्राकृतिक आपदाओं से लेकर सुरक्षा चुनौतियों तक, बल के कर्मी लगातार अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं।
स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर सीआरपीएफ जवानों के साहस, बलिदान और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण को नमन किया।