पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने गुरु नानक देव मेडिकल कॉलेज अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और मरीजों से बातचीत कर सुधार के निर्देश दिए।
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सोमवार को गुरु नानक देव मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, अमृतसर का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत की। उन्होंने इलाज, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मरीजों की राय जानी। मरीजों से मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को दिए जरूरी निर्देश
डॉ. बलबीर सिंह ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों, अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और समय पर उपचार उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई बनाए रखने, चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर इलाज और सम्मानजनक सेवाएं मिलनी चाहिए। इसके लिए सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करना होगा।
ਸਿਹਤ ਮੰਤਰੀ @AAPbalbir ਨੇ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਮੈਡੀਕਲ ਕਾਲਜ ਤੇ ਹਸਪਤਾਲ ਦਾ ਅਚਨਚੇਤੀ ਦੌਰਾ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਹਨਾਂ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲਿਆ ਅਤੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਤੇ ਹਾਜ਼ਰ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ਼ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਰਾਏ ਜਾਣੀ। ਲੋੜੀਂਦੇ ਸੁਧਾਰਾਂ ਵਾਸਤੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਾਲਜ ਤੇ ਹਸਪਤਾਲ ਟੀਮ ਦੇ ਡਾਕਟਰਾਂ ਨੂੰ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ ਅਤੇ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨੂੰ… pic.twitter.com/HtWAJkXtr5
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 28, 2026
स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर सरकार का जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी अस्पतालों में समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं ताकि स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी हो सके और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों से अपील की कि वे टीम भावना के साथ कार्य करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।