Monday, August 24, 2026

अरविंद केजरीवाल: पंजाब की सभी माँ, बहनों और बेटियों को बहुत-बहुत बधाई, आपसे किया वादा पूरा हो रहा है

by Neha
अरविंद केजरीवाल: पंजाब की सभी माँ, बहनों और बेटियों को बहुत-बहुत बधाई, आपसे किया वादा पूरा हो रहा है

अरविंद केजरीवाल: पंजाब की महिला को 1 जुलाई को 3 हजार और दलित महिला को साढ़े चार हजार मिलने की योजना दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री की ओर से महिलाओं के खाते में तीन महीने का पैसा एक साथ भेजने के एलान का स्वागत किया है। अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की सभी मां, बहनों और बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि सीएम भगवंत मान का यह कदम की तारीफ की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समान्य महिला को 1 हजार और दलित महिला को 1500 रुपए महीना देने की भगवंत मान सरकार की योजना दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है। एक जुलाई को भगवंत मान सरकार सभी पात्र महिलाओं के खाते में तीन महीने का पैसा एक साथ डालेगी।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि 1 जुलाई को उनके खाते में तीन महीने के पैसे एक साथ आयेंगे। हर जनरल केटेगरी की महिला को तीन हज़ार और हर एससी केटेगरी की महिला को 4500 रुपए मिलेंगे। एक परिवार में यदि एक से अधिक महिला हैं तो हर महिला को ये सम्मान राशि मिलेगी। पूरी दुनिया का ये सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है।

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गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फतेहगढ़ साहिब हलके के चनार्थल कलां में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के खाते में एक साथ तीन महीने का पैसा भेजने का एलान किया था। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से पूछा था कि उन्हें हर महीने हजार या डेढ हजार रुपए चाहिए या फिर दो-तीन महीने का पैसा एक साथ चाहिए। इस पर महिलाओं ने तीन महीने का पैसा एक साथ देने की मांग की थी। महिलाओं की मांग को स्वीकार करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा था कि अब माताओं और बहनों के खाते में तीन महीने के पैसे एक साथ आएंगे। एक जुलाई को समान्य वर्ग की महिला के खाते में तीन हजार रुपए आएंगे, जबकि दलित समाज की महिला के खाते में 4500 रुपए आएंगे। अगर एक परिवार में एक से अधिक महिला पात्र है तो सभी को इसी तरह 3 हजार या 4500 रुपए मिलेंगे।

भगवंत मान ने यह भी कहा था कि एक हजार रुपए मिलने से महिलाएं अमीर नहीं बन जाएंगी, बल्कि यह उनके छोटे-मोटे रीति-रिवाजों और जरूरतों को पूरा करने के लिए है। जब कोई पोता-नाती घर आता है या बेटियां आती हैं, तो उनके हाथ पर पैसे या खिलौना रखने के लिए या उनसे मिलने जाते वक्त शहर से फल ले जाने के लिए यह पैसा काम आएगा। यह पूरी तरह से माताओं और बहनों के मान-सम्मान की बात है। हर इंसान अपने घर में राजा होता है, बस कई बार आर्थिक रूप से इस मान-सम्मान की कमी रह जाती है, जिसे देना सरकार का फर्ज है।

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