प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाकर केवल दो गाड़ियां कर दीं। ईंधन बचत अपील के बाद लिया गया यह फैसला सुरक्षा मानकों के साथ ईंधन संरक्षण को बढ़ावा देता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले (कारकेड) में वाहनों की संख्या में बड़ी कटौती करते हुए इसे अब केवल दो गाड़ियों तक सीमित कर दिया है। यह फैसला सुरक्षा मानकों और SPG प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, लेकिन इसे सरकार की ईंधन बचत नीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
ईंधन बचत अपील के बाद दिखा असर
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और ईंधन संरक्षण की अपील की थी। इसी के बाद अब खुद प्रधानमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाकर एक उदाहरण पेश किया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, SPG सुरक्षा व्यवस्था के तहत जरूरी सुरक्षा घटकों को बनाए रखते हुए काफिले को छोटा किया गया है, ताकि सुरक्षा में कोई समझौता न हो।
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अन्य नेताओं पर भी दिखा असर
प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद कई वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने काफिलों में कटौती शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या को पहले की तुलना में लगभग आधा कर दिया है।
इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इसी तरह के कदम उठाए हैं।
प्रधानमंत्री की ईंधन बचत अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 मई 2026 को वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की थी। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाने पर जोर दिया था।
जनता के लिए सकारात्मक संदेश
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदम जनता में सकारात्मक संदेश देते हैं। इससे न केवल सरकारी खर्च में कमी आती है, बल्कि ट्रैफिक दबाव और ईंधन खपत में भी सुधार की संभावना बढ़ती है।
पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में अन्य राज्य भी इसी तरह की पहल अपना सकते हैं।