Sunday, May 10, 2026

Fuel Price Alert: बड़ी राहत! डीजल और ATF के एक्सपोर्ट टैक्स में भारी कटौती, जानें कितने रुपये हुए कम

by Neha
Fuel Price Alert: बड़ी राहत! डीजल और ATF के एक्सपोर्ट टैक्स में भारी कटौती, जानें कितने रुपये हुए कम

Fuel Price Alert: सरकार ने 1 मई 2026 से डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती की है। जानें कितने रुपये घटे, और घरेलू ईंधन की कीमतों पर इसका असर क्या होगा।

Fuel Price Alert: भारत सरकार ने 1 मई 2026 से डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती कर दी है। हालांकि घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस कदम का सीधा असर तेल कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में होगा।

सरकार के फैसले के अनुसार:

  • डीजल के एक्सपोर्ट पर टैक्स 55.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 23 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
  • ATF पर ड्यूटी 42 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 33 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
  • पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी जीरो ही बनी रहेगी।
  • अगले पखवाड़े के लिए डीजल पर रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस भी माफ कर दिया गया है।

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पहले कितनी थी ड्यूटी?

सरकार ने पहले 26 मार्च 2026 को डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लागू की थी और 11 अप्रैल को इसे बढ़ाया गया था। उस समय दरें थीं:

डीजल: 21.50 – 55.5 रुपये प्रति लीटर
ATF: 29.5 – 42 रुपये प्रति लीटर

अब इन्हें फिर से घटा दिया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव का असर कंपनियों और भारत की सप्लाई चेन पर कम पड़े।

विंडफॉल टैक्स क्यों लगाया गया था?

विंडफॉल टैक्स का उद्देश्य था कि कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों का फायदा उठाकर अत्यधिक मुनाफा न कमाएं और घरेलू ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित रहे। इसके अलावा, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बीच बड़ा अंतर होने पर अनियंत्रित एक्सपोर्ट को रोका जा सके।

वैश्विक हालात का असर

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण तेल सप्लाई चेन प्रभावित हुई। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के जरिए तेल की सप्लाई बाधित हुई, लेकिन भारत ने रूस से कच्चे तेल की उपलब्धता और सप्लाई मैनेजमेंट के जरिए स्थिति को संभाल लिया। संघर्ष के चलते कच्चे तेल की कीमतें $73 प्रति बैरल से बढ़कर चार साल के उच्चतम स्तर $126 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।

सरकार की यह राहत कंपनियों और निर्यातकों के लिए फायदेमंद साबित होगी, जबकि घरेलू ईंधन की कीमतें स्थिर बनी रहेंगी।

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