Thursday, October 1, 2026

दिल्ली में आज हो सकती है कृत्रिम बारिश, IIT कानपुर के नेतृत्व में तैयारी पूरी

by Neha
दिल्ली में आज हो सकती है कृत्रिम बारिश, IIT कानपुर के नेतृत्व में तैयारी पूरी

दिल्ली में 29 अक्टूबर को IIT कानपुर की मदद से पहली बार कृत्रिम बारिश का परीक्षण हो सकता है। दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ वातावरण के लिए तैयारी पूरी कर रही है।

अगर मौसम अनुकूल रहा तो दिल्ली में मंगलवार (28 अक्टूबर) को पहली बार कृत्रिम बारिश का परीक्षण किया जा सकता है। यह पहल वायु प्रदूषण को कम करने और शहर में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के सहयोग से की जा रही है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि कृत्रिम बारिश के परीक्षण की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए मंगलवार को समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

कृत्रिम वर्षा परीक्षण की तैयारियां पूरी

राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए की जा रही इस परियोजना का उद्देश्य सर्दियों में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को सुधारना है। अधिकारियों के अनुसार, बुराड़ी क्षेत्र में पिछले हफ्ते पहला परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया था। परीक्षण के दौरान ‘सिल्वर आयोडाइड’ और ‘सोडियम क्लोराइड’ यौगिकों का विमान से छिड़काव किया गया। सामान्यतः कृत्रिम वर्षा के लिए कम से कम 50% वायुमंडलीय नमी आवश्यक होती है, लेकिन पिछली बार नमी केवल 20% थी, जिससे बारिश नहीं हो सकी।

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IIT कानपुर की भूमिका

IIT कानपुर ने इस परियोजना का नेतृत्व करते हुए क्लाउड सीडिंग के लिए आवश्यक क्षमताओं, विमान की तत्परता, उड़ान अवधि, उपकरणों की कार्यक्षमता और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का मूल्यांकन किया। IIT कानपुर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह परीक्षण मिशन सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियों का आकलन करने में सहायक रहा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 28 से 30 अक्टूबर के बीच उपयुक्त बादल बनने की संभावना जताई है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो दिल्ली में 29 अक्टूबर को पहली कृत्रिम बारिश हो सकती है।

उत्तर-पश्चिम दिल्ली में परीक्षण योजना

दिल्ली सरकार ने 25 सितंबर को IIT कानपुर के साथ पांच कृत्रिम वर्षा परीक्षणों के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए थे। सभी परीक्षण उत्तर-पश्चिम दिल्ली में आयोजित किए जाएंगे। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने IIT कानपुर को 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच किसी भी समय परीक्षण की अनुमति दी है।

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