Sunday, April 19, 2026

आखिर एजबेस्टन में क्यों नहीं जीत पाती Team India ? जानिए 153 साल पुराने मैदान से जुड़ा रहस्य।

by editor
आखिर एजबेस्टन में क्यों नहीं जीत पाती Team India ? जानिए 153 साल पुराने मैदान से जुड़ा रहस्य।

भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट 2 जुलाई से एजबेस्टन में खेला जाना है। यह वही ऐतिहासिक मैदान है, जो करीब 153 साल पुराना है और जहां Team India बीते 58 वर्षों से टेस्ट क्रिकेट खेल रही है, लेकिन अब तक एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी है।

एजबेस्टन में भारत का टेस्ट रिकॉर्ड खराब क्यों?

लीड्स में पिछला मैच गंवाने के बाद Team India के लिए एजबेस्टन में जीत हासिल करना बेहद ज़रूरी हो गया है। मगर दिक्कत यह है कि यह मैदान भारतीय टीम के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। अब तक भारत ने यहां 8 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से 7 में हार झेली है, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। यही नहीं, एशिया की अन्य टीमें जैसे पाकिस्तान और श्रीलंका का भी रिकॉर्ड इस मैदान पर निराशाजनक ही रहा है।

पाकिस्तान ने यहां 8 टेस्ट खेले हैं, जिनमें से 5 हारे और 3 ड्रॉ हुए, वहीं श्रीलंका ने दोनों टेस्ट मुकाबले गंवाए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या Team India इस बार इतिहास रच पाएगी और क्या वो एजबेस्टन में टेस्ट जीतने वाली पहली एशियाई टीम बनेगी?

इंग्लैंड के लिए फेवरेट मैदान

जहां भारत और अन्य एशियाई टीमों को इस मैदान पर मुश्किलें पेश आईं, वहीं इंग्लैंड ने यहां जबरदस्त प्रदर्शन किया है। इंग्लिश टीम ने एजबेस्टन में अब तक 56 टेस्ट खेले हैं, जिनमें से 30 में जीत हासिल की है, 11 में हार और 15 ड्रॉ रहे हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि यह मैदान इंग्लैंड के लिए हमेशा फायदे का सौदा रहा है।

एजबेस्टन की खासियत क्या है?

यहां की पिच बल्लेबाजी के अनुकूल मानी जाती है, और इसलिए टारगेट चेज करना अपेक्षाकृत आसान होता है। यही वजह है कि इस मैदान पर पहले गेंदबाजी करने वाली टीमों को ज्यादा सफलता मिली है। 1902 से 2024 तक के आंकड़े देखें तो 56 टेस्ट मैचों में से 23 में वही टीमें जीती हैं, जिन्होंने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। वहीं, पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को 18 बार जीत मिली।

टॉस और गेंदबाजों की भूमिका अहम

एजबेस्टन की पिच पर शुरुआती पारी में तेज गेंदबाजों का बोलबाला रहता है, जबकि बाद में स्पिनर असर दिखाते हैं। इसलिए टॉस यहां निर्णायक भूमिका निभा सकता है। जो भी टीम टॉस जीतेगी, उसके लिए पहले गेंदबाजी करना फायदेमंद हो सकता है।

क्या इस बार इतिहास बदलेगा?

हालांकि क्रिकेट में हर दिन नई कहानी लिखी जाती है, फिर भी एजबेस्टन के पुराने आंकड़ों को नज़रअंदाज करना आसान नहीं है। इस बार टीम इंडिया के पास मौका है इस मैदान का 58 साल पुराना जinx तोड़ने का — देखना होगा क्या वो इस बार इतिहास रच पाएगी या यह मैदान फिर एक बार भारतीय टीम के लिए चुनौती ही बना रहेगा।

You may also like

कंगना रनौत ने चिराग पासवान संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, कहा– ‘होता तो बच्चे होते! इंटरफेथ शादी पर बवाल: ट्रोलिंग से टूटी कनिका, वीडियो में छलका दर्द ,बोलीं—“असली सनातनी बनो” 44 की उम्र में दुल्हन बनेंगी अनुषा दांडेकर?, ‘Save the Date’ ने मचाया तहलका 40 की उम्र में सिंगल, प्यार में मिला धोखा, नहीं बनना चाहतीं मां, शक्ति मोहन का चौंकाने वाला फैसला सुरों की मलिका Asha Bhosle का निधन, 92 की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा