WhatsApp पर सरकार की कॉल और चैट मॉनिटरिंग का दावा वायरल है। PIB Fact Check ने इसे फर्जी बताया। जानें Red Tick और Blue Tick वाले दावे की सच्चाई।
WhatsApp पर इन दिनों एक मैसेज तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ने WhatsApp यूजर्स की कॉल और निजी चैट की निगरानी के लिए नए नियम लागू किए हैं। वायरल मैसेज में अलग-अलग तरह के टिक और कथित सरकारी मॉनिटरिंग को लेकर कई दावे किए गए हैं।
हालांकि, इस वायरल दावे की सच्चाई सामने आ चुकी है। PIB Fact Check ने इसे फर्जी और भ्रामक बताया है। फैक्ट चेक के मुताबिक, सरकार की ओर से WhatsApp की निगरानी को लेकर ऐसी कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है।
WhatsApp पर वायरल हो रहा है फर्जी मैसेज
वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि WhatsApp पर सरकार की ओर से नए मॉनिटरिंग नियम लागू किए गए हैं। इसमें यूजर्स को चेतावनी दी जा रही है कि उनकी कॉल और निजी बातचीत पर नजर रखी जा सकती है।
कुछ वायरल संदेशों में यह भी कहा गया है कि WhatsApp पर दिखाई देने वाले खास रंग के टिक इस बात का संकेत हैं कि सरकार ने किसी बातचीत को देख लिया है। साथ ही, कथित तौर पर यूजर्स के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी कही जा रही है। इन दावों के कारण कई WhatsApp यूजर्स के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
PIB Fact Check ने दावे को बताया फर्जी
PIB Fact Check ने 29 अगस्त को इस वायरल दावे पर स्पष्टीकरण जारी किया। फैक्ट चेक के अनुसार, भारत सरकार ने WhatsApp मॉनिटरिंग से संबंधित ऐसी कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की है।
इसलिए WhatsApp पर शेयर किया जा रहा यह मैसेज किसी आधिकारिक सरकारी आदेश का हिस्सा नहीं है। यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे बिना पुष्टि किए ऐसे संदेशों को आगे फॉरवर्ड न करें।
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Red Tick और Blue Tick से जुड़ा दावा भी गलत
वायरल मैसेज में WhatsApp के टिक सिस्टम को भी सरकारी निगरानी से जोड़ने की कोशिश की गई है। इसमें दावा किया जा रहा है कि कुछ खास टिक दिखाई देने पर इसका मतलब है कि सरकार ने मैसेज पढ़ लिया है या उस पर नजर रखी जा रही है। PIB Fact Check के अनुसार, यह दावा भी सही नहीं है। WhatsApp के टिक को सरकारी मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ने का कोई आधार नहीं है।
क्या सरकार WhatsApp कॉल रिकॉर्ड कर रही है?
वायरल मैसेज का सबसे बड़ा दावा यही है कि सरकार WhatsApp कॉल को रिकॉर्ड या मॉनिटर कर रही है। इस तरह की अफवाहें पहले भी सोशल मीडिया पर सामने आती रही हैं।
मौजूदा वायरल दावे की जांच के बाद PIB Fact Check ने स्पष्ट किया है कि WhatsApp की निगरानी को लेकर सरकार ने ऐसी कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की है। इसलिए केवल इस वायरल मैसेज के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं है कि सरकार सभी WhatsApp कॉल रिकॉर्ड कर रही है।
यूजर्स ऐसे फर्जी मैसेज से रहें सावधान
सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर वायरल होने वाली किसी भी सरकारी सूचना को सच मानने से पहले उसके आधिकारिक स्रोत की जांच करना जरूरी है। खासकर ऐसे संदेशों को आगे भेजने से बचना चाहिए, जिनमें डर या भ्रम पैदा करने वाले दावे किए गए हों।