Temba Bavuma : क्या आप जानते हैं कि ‘टेम्बा’ नाम का क्या अर्थ है और साउथ अफ्रीका के कप्तान को यह नाम किसने दिया था? दिलचस्प बात यह है कि इस नाम का जो मतलब है, उसका प्रभाव लॉर्ड्स में हो रहे WTC फाइनल मुकाबले में भी दिखाई दे रहा है।
जैसा कप्तान होता है, वैसी ही टीम बनती है – और साउथ अफ्रीका को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि टेम्बा बावुमा उसकी कमान संभाल रहे हैं। जब से उन्होंने टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली है, टीम ने एक भी मुकाबला नहीं गंवाया। यही नहीं, अब पहली बार साउथ अफ्रीका WTC फाइनल में भी पहुंच चुका है।
शायद ‘टेम्बा’ नाम आपको कुछ खास न लगे, लेकिन जब आप इस नाम का अर्थ जानेंगे, तो साउथ अफ्रीका की सफलता की असली झलक समझ में आएगी। खास बात ये है कि यह नाम उन्हें किससे मिला?
दादी ने रखा था नाम – टेम्बा, जिसका मतलब है ‘उम्मीद’
उनका नाम उनकी दादी ने रखा था। इस नाम का अर्थ होता है ‘उम्मीद’ (Hope)। यही सोचकर उनकी दादी ने उन्हें यह नाम दिया था। अब वही उम्मीद टेम्बा की कप्तानी में साकार होती दिख रही है – और दादी के दिए इस नाम को सही साबित करने का असली वक्त आ गया है।
टेम्बा बावुमा से जुड़ी है साउथ अफ्रीका की उम्मीद
अपने नाम ‘टेम्बा’ यानी ‘उम्मीद’ की तरह अब बावुमा पर पूरे साउथ अफ्रीका की निगाहें टिकी हैं। WTC फाइनल में जीत महज 69 रनों की दूरी पर है, और कप्तान टेम्बा उसी उम्मीद को साकार करने की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने जिस तरह टीम को पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचाया, अब उन्हें इस ऐतिहासिक सफर को जीत में भी बदलना है। अच्छी बात यह है कि 282 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वह क्रीज पर मजबूती से टिके हुए हैं।
घायल होने के बावजूद डटे रहे मैदान पर
WTC फाइनल के तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक Temba Bavuma 65 रन बनाकर नाबाद थे। इस पारी के दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों का बहादुरी से सामना किया। बल्लेबाजी करते वक्त उनकी हैमस्ट्रिंग खिंच गई और वो चोटिल हो गए, लेकिन उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा। दर्द के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी, क्योंकि उनके मन में सिर्फ एक ही बात थी – साउथ अफ्रीका को जीत की राह दिखाना और देश की उम्मीदों पर खरा उतरना।
अगर टेम्बा बावुमा इस फाइनल में साउथ अफ्रीका को जीत दिला देते हैं, तो यह 1998 के बाद टीम का दूसरा ICC खिताब होगा – और उनके नाम की ‘उम्मीद’ सच में एक मिसाल बन जाएगी।