Saturday, May 9, 2026

वट सावित्री व्रत 2026: वट सावित्री व्रत पर क्यों होती है बरगद के पेड़ की पूजा, जानें महत्व और पूजा विधि

by Neha
वट सावित्री व्रत 2026: वट सावित्री व्रत पर क्यों होती है बरगद के पेड़ की पूजा, जानें महत्व और पूजा विधि

वट सावित्री व्रत 2026 में बरगद के पेड़ की पूजा का धार्मिक महत्व जानें। इस व्रत की तिथि, पूजा विधि और अखंड सौभाग्य के लिए किए जाने वाले उपायों की पूरी जानकारी।

वट सावित्री व्रत 2026: वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को रखा जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए उपवास रखती हैं और विधि-विधान से वट यानी बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं।

वट सावित्री व्रत 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में वट सावित्री व्रत 16 मई को मनाया जाएगा। इस दिन अमावस्या तिथि का आरंभ 16 मई को सुबह 05:11 बजे होगा और इसका समापन 17 मई को रात 01:30 बजे होगा। उदयातिथि के आधार पर व्रत और पूजा 16 मई को करना ही शुभ माना जाएगा।

बरगद के पेड़ की पूजा का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में बरगद के पेड़ को अत्यंत पवित्र और देवतुल्य माना गया है। मान्यता है कि इस वृक्ष में त्रिदेवों का वास होता है। इसकी जड़ों में ब्रह्मा जी, तने में भगवान विष्णु और ऊपरी भाग में भगवान शिव का निवास माना जाता है। वहीं इसकी लटकती हुई शाखाओं को माता सावित्री का स्वरूप माना जाता है।

पौराणिक कथा के अनुसार, सावित्री ने इसी वृक्ष के नीचे अपने पतिव्रता धर्म के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी कारण इस दिन बरगद की पूजा का विशेष महत्व होता है।

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वट सावित्री व्रत की सरल पूजा विधि

इस दिन महिलाएं प्रातः स्नान कर सोलह श्रृंगार करती हैं और व्रत का संकल्प लेती हैं। इसके बाद बरगद के पेड़ को जल, अक्षत और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। महिलाएं पेड़ के तने पर लाल या पीले रंग का धागा लपेटकर परिक्रमा करती हैं और सिंदूर अर्पित करती हैं। इसके बाद वट सावित्री व्रत कथा का श्रवण किया जाता है और पूजा संपन्न कर व्रत का पारण किया जाता है।

बरगद के पेड़ से जुड़े धार्मिक उपाय

आर्थिक समृद्धि के लिए मान्यता है कि शुक्रवार के दिन बरगद के पत्ते पर हल्दी से स्वास्तिक बनाकर मां लक्ष्मी के पास रखने से धन संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं। इसे बाद में तिजोरी में रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

नौकरी और व्यापार में सफलता के लिए वट सावित्री के दिन पत्ते पर अपनी समस्या लिखकर प्रवाहित करने और बरगद के नीचे दीपक जलाने का विधान बताया गया है।

पारिवारिक शांति के लिए प्रतिदिन बरगद के नीचे दीपक जलाकर त्रिदेवों का ध्यान करने की परंपरा है। वहीं स्वास्थ्य लाभ के लिए बरगद के नीचे हनुमान चालीसा का पाठ करना और बरगद की जड़ को पास रखना लाभकारी माना जाता है।

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