Thursday, October 1, 2026

उत्तराखंड में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू, चुनाव आयोग ने तैयारियां तेज की

by Neha
उत्तराखंड में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू, चुनाव आयोग ने तैयारियां तेज की

उत्तराखंड में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू कर दिया है। 2003 की सूची से मिलान कर मतदाता सूची अपडेट की जाएगी। राजनीतिक दलों को बूथ लेवल एजेंट (BLA) जल्द नियुक्त करने के निर्देश।

उत्तराखंड में इस साल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस प्रक्रिया के तहत 2025 की मतदाता सूची का 2003 की सूची से मिलान किया जाएगा। यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की सूची में नहीं होगा तो उसे आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, यह पुनरीक्षण जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर किया जाएगा।

मतदाताओं को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। पहली श्रेणी में वे मतदाता शामिल हैं जिनकी उम्र 38 वर्ष या उससे अधिक है और जिनका नाम दोनों सूचियों में है। इन्हें केवल एब्सट्रेक्ट देना होगा। दूसरी श्रेणी में वे मतदाता हैं जिनकी उम्र 38 वर्ष या अधिक है, पर उनका नाम 2003 की सूची में नहीं है, इन्हें 11 दस्तावेजों में से जरूरी दस्तावेज़ जमा करने होंगे। तीसरी श्रेणी में 20 से 37 वर्ष के मतदाता हैं और चौथी श्रेणी में 18-19 वर्ष के युवा मतदाता शामिल हैं, जिन्हें एक-दो दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे।

also read: उत्तराखंड में जारी है भारी बारिश का दौर, मौसम विभाग ने…

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी राजनैतिक दलों को जल्द से जल्द बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने का निर्देश दिया गया। प्रदेश में कुल 11,733 पोलिंग बूथ हैं, जिनमें अब तक केवल 2,744 बीएलए नियुक्त हुए हैं। सभी राजनीतिक दलों को बूथ स्तर पर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए यह काम जल्द पूरा करने को कहा गया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 2003 की मतदाता सूची भी जारी कर दी है, जिसमें सभी मतदाता अपना नाम देख सकते हैं। किसी भी विवाद या असंतोष की स्थिति में मतदाता 15 दिनों के भीतर प्रथम अपील जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष और 30 दिनों के भीतर दूसरी अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष कर सकते हैं।

उत्तराखंड में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए यह विशेष गहन पुनरीक्षण अहम कदम माना जा रहा है। राजनीतिक दलों से भी अपील की गई है कि वे मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

You may also like

ईशा रिखी का छलका दर्द, बिग बॉस से बाहर आते ही बोलीं- ‘मुझे सच में अफसोस है’, पोस्ट शेयर कर कही ये बात बिग बॉस 20: रीति तिवारी के परिवार का एकम बावा पर पलटवार, ‘सौतेले पिता’ के दावे पर भेजा कानूनी नोटिस स्वरा भास्कर का खुलासा: शादी से पहले बनना चाहती थीं मां, 2 बार कराया IVF लव गिल को गले लगाने पर आसिफ खान की पत्नी का रिएक्शन, बोलीं- ‘बस, बहुत हुआ’ ‘म्यूट बटन’ वाली बात पर भड़कीं रीति, काजी तौकीर से जमकर हुआ पंगा