मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत-अमेरिका टैरिफ समझौते का स्वागत किया, किसानों, एमएसएमई और यूपी के उद्योगों के हित सुरक्षित। जानें कैसे टेक्सटाइल, फार्मा, कृषि और डिजिटल निवेश को मिलेगा फायदा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार टैरिफ समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। इसके तहत किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश की खाद्य सुरक्षा के हितों की रक्षा की गई है, साथ ही मेक इन इंडिया को भी मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के प्रयासों की भी सराहना की।
यूपी को मिलेगा सीधे लाभ
भारत-अमेरिका टैरिफ ज्वाइंट स्टेटमेंट से उत्तर प्रदेश की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। प्रस्ताव के अनुसार, अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों पर औसत टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया जाएगा और कुछ श्रेणियों में शून्य शुल्क लागू होगा। यह कदम ऐसे समय में आया है जब यूपी सरकार एमएसएमई, श्रम प्रधान उद्योग और क्लस्टर आधारित उत्पादन को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दे रही है।
टेक्सटाइल और कार्पेट सेक्टर को बढ़ावा
भदोही और मिर्जापुर के कार्पेट उद्योग को टैरिफ में कटौती से फायदा होगा। पहले उच्च शुल्क के कारण अमेरिकी बाजार में निर्यात लागत अधिक थी। अब शुल्क कम होने से नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। इसी तरह वाराणसी का सिल्क और हैंडलूम उद्योग भी शून्य शुल्क का लाभ उठाकर अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच बना सकेगा। इससे कारीगरों और बुनकरों की आमदनी में वृद्धि होने की उम्मीद है।
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लेदर और फुटवियर उद्योग के अवसर
कानपुर और आगरा के लेदर और फुटवियर क्लस्टर अब टैरिफ राहत से लाभान्वित होंगे। इससे उत्पादों की कीमत प्रतिस्पर्धी होगी और निर्यात ऑर्डर बढ़ेंगे। एमएसएमई को सीधे वैश्विक बाजार में प्रवेश का मौका मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
होम डेकोर और कारीगर आधारित उद्योग
मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर के होम डेकोर और हस्तशिल्प उद्योग अब अमेरिकी बाजार में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। फर्नीचर और सजावटी उत्पादों की मांग बढ़ने से छोटे उत्पादकों और कारीगरों को सीधे निर्यात का अवसर मिलेगा।
कृषि उत्पाद और प्रोसेस्ड फूड का विकास
समझौते में चुनिंदा कृषि उत्पादों और प्रोसेस्ड फूड पर शून्य शुल्क लागू है। आम, सब्जियां, मसाले और प्रोसेस्ड फूड अब अमेरिकी बाजार में बेहतर कीमत पर बिक सकेंगे। इससे फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर, कोल्ड चेन और किसान उत्पादक संगठनों को लाभ होगा।
फार्मा और औद्योगिक उत्पादों के लिए नया बाजार
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ के फार्मा, मशीनरी और ऑटो कंपोनेंट उद्योग भी टैरिफ राहत से लाभान्वित होंगे। इससे यूपी की इकाइयां ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़कर निर्यात में स्थिरता ला सकेंगी।
हाई-टेक और डिजिटल निवेश को बढ़ावा
समझौते में हाई-टेक, डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नए निवेश और तकनीकी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
किसानों के हित सुरक्षित
सीएम योगी ने कहा कि संवेदनशील कृषि क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखा गया है। आयात को चरणबद्ध और सीमित किया गया है ताकि स्थानीय किसान और पशुपालक नुकसान न उठाएं। यह समझौता निर्यात, निवेश और रोजगार के लिहाज से उत्तर प्रदेश के लिए लंबे समय तक लाभकारी साबित होगा।