Saturday, April 18, 2026

उगादी 2026 कब है: तिथि शुभ मुहूर्त महत्व और दक्षिण भारत की पारंपरिक रीति-रिवाज जानें

by Versha
उगादी 2026 कब है: तिथि शुभ मुहूर्त महत्व और दक्षिण भारत की पारंपरिक रीति-रिवाज जानें

उगादी 2026 कब है जानें तिथि शुभ मुहूर्त और महत्व। दक्षिण भारत के इस नववर्ष के खास रीति-रिवाज, पंचांग अनुष्ठान और पारंपरिक व्यंजन की पूरी जानकारी।

उगादी 2026: दक्षिण भारत का प्रमुख त्योहार उगादी इस साल 19 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। इसे तेलुगु नववर्ष के रूप में भी जाना जाता है और यह नई शुरुआत, समृद्धि और आध्यात्मिक नवजीवन का प्रतीक माना जाता है।

उगादी हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है, जो साल के नए चक्र की शुरुआत को दर्शाता है। इस दिन भक्त पारंपरिक पूजा, अनुष्ठान और विशेष व्यंजनों के साथ नए साल का स्वागत करते हैं।

उगादी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त

  • प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 19 मार्च 2026 सुबह 6:52

  • प्रतिपदा तिथि समाप्त: 20 मार्च 2026 पूर्वाह्न 4:52

इस अवसर पर तेलुगु शक संवत 1948 की शुरुआत होती है, जो तेलुगु कैलेंडर के नए साल का प्रतीक है।

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उगादी का महत्व

उगादी शब्द संस्कृत के ‘युग’ (काल) और ‘आदि’ (आरंभ) से बना है, जिसका अर्थ है “नए युग की शुरुआत।” आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में इसे गहरे सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के साथ मनाया जाता है।

मान्यता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। इसलिए यह दिन नई योजनाओं, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक विकास के लिए विशेष माना जाता है।

उगादी 2026 की परंपराएं और रीति-रिवाज

उगादी के दिन सुबह-सुबह पारंपरिक अनुष्ठान किए जाते हैं। भक्त सूर्योदय से पहले स्नान करके नए कपड़े पहनते हैं और घर को आम के पत्तों के तोरण और रंगोली से सजाते हैं।

एक प्रमुख परंपरा पंचांग श्रवणम है, जिसमें बुजुर्ग या पुजारी पंचांग के अनुसार आने वाले वर्ष की भविष्यवाणी बताते हैं। इसमें वर्षा, कृषि, आर्थिक स्थिति और समृद्धि से जुड़े संकेत दिए जाते हैं।

उगादी के मौके पर तैयार किए जाने वाले व्यंजन मीठा, खट्टा, कड़वा और तीखा स्वाद का मिश्रण होते हैं, जो जीवन के विविध अनुभवों का प्रतीक माने जाते हैं।

इस तरह उगादी सिर्फ नववर्ष का आरंभ ही नहीं, बल्कि समृद्धि, आध्यात्मिक विकास और सांस्कृतिक एकता का त्योहार भी है।

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