आम आदमी पार्टी के नेता पुलिस स्टेशन में उपस्थित हुए, तब उनसे पूछताछ करके गिरफ्तार कर लिया गया है और अभी तक उन्हें छोड़ा नहीं गया है : AAP निरंजन वसावा
आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री और नर्मदा जिला अध्यक्ष निरंजन वसावा ने गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि झगड़िया GIDC में स्थित मेट्रोपॉलिटन कंपनी में बॉयलर फटने के कारण तीन से अधिक कर्मचारी काल का ग्रास बन गए (मृत्यु हो गई)। इसके बावजूद कोई भी राजनीतिक या सामाजिक नेता पीड़ितों को न्याय दिलाने आगे नहीं आया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने विधायक चैतरभाई वसावा से संपर्क कर न्याय की उम्मीद के साथ उन्हें घटनास्थल पर बुलाया। जब चैतरभाई और आम आदमी पार्टी की टीम वहां पहुंचकर कंपनी के अधिकारियों से बातचीत करने का प्रयास कर रही थी, उसी समय भारतीय जनता पार्टी के नेता रोशन वसावा और उनके लोगों द्वारा चैतरभाई वसावा के साथ बहस की गई। इन भाजपा नेताओं ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के बजाय पूरे मुद्दे को भटकाने के लिए झड़प पैदा की। इसके बावजूद चैतरभाई ने कहा कि वे कंपनी के मैनेजर और एम.डी. से बात करके पीड़ित परिवार को उचित न्याय दिलाएंगे। लेकिन यह एक पूर्व नियोजित साजिश थी, ताकि चैतरभाई के साथ झड़प कर मूल मुद्दे को भटकाया जा सके। आज सोशल मीडिया पर यह वीडियो कहीं दिखाई नहीं दे रहा कि झड़प की शुरुआत सामने वाले पक्ष ने की थी। इसके बावजूद आम आदमी पार्टी के विधायक चैतरभाई वसावा, भरूच जिला अध्यक्ष पियूष पटेल, जिला पंचायत सदस्य रजनीभाई और सर्जनभाई वसावा को नोटिस देकर झगड़िया GIDC पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने के लिए कहा गया। जब ये नेता वहां उपस्थित हुए, तब उनसे पूछताछ कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और अभी तक उन्हें छोड़ा नहीं गया है।
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‘आप’ नेता निरंजन वसावा ने आगे कहा कि हम भारतीय जनता पार्टी, सरकार में बैठे नेताओं-प्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन से पूछना चाहते हैं कि क्या आप भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं? जिन लोगों ने झड़प की, उनके खिलाफ या कंपनी के खिलाफ अब तक कोई एफ.आई.आर. (FIR) क्यों दर्ज नहीं की गई? चैतरभाई वसावा तो पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने गए थे, लेकिन पुलिस प्रशासन का अप्रत्यक्ष उपयोग करके चैतरभाई और उनकी पूरी टीम को झूठी एफ.आई.आर., झूठे केस और झूठे नोटिस देकर डराया-धमकाया जा रहा है। हमारे तीन नेता कल से झगड़िया GIDC पुलिस स्टेशन में थे और फिलहाल उन्हें भरूच एस.पी. कार्यालय लाकर पूछताछ की जा रही है। हमारी भारतीय जनता पार्टी और न्यायपालिका से विनती है कि क्या गुजरात में न्याय व्यवस्था जैसी कोई चीज बची है या नहीं? जब तीन-चार लोगों की मृत्यु होती है, तब ये भाजपा नेता सात-आठ दिनों तक कहां गायब थे? उन्हें यह गंभीर घटना क्यों नहीं दिखाई दी? और जब हमारी पूरी टीम जनता को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ खड़ी होती है, तब हमारी आवाज दबाने और झूठे मुकदमे करने का प्रयास किया जाता है। मैं पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका से कहना चाहता हूं कि लोकतंत्र जीवित रहे, इसके लिए पूरे मामले की तटस्थ और निष्पक्ष जांच की जाए।