उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शब्दोत्सव 2026 में कहा कि राज्य में कट्टरवादी मानसिकता को पनपने नहीं दिया जाएगा। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई, मदरसों में शिक्षा सुधार और तीर्थस्थलों के विकास पर जोर।
नई दिल्ली के मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आयोजित शब्दोत्सव कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी प्रकार की कट्टरवादी मानसिकता को पनपने नहीं दिया जाएगा और देवभूमि के मूल स्वरूप और देवत्व की रक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की गई है। इस अभियान के तहत अब तक 10,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह कदम केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करने और राज्य के विकास के लिए उठाया गया है।
also read: उत्तराखंड सरकार ने परिवार रजिस्टर में अनियमितताओं पर कड़ा…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा क्षेत्र में भी सुधारों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2026 के बाद केवल वही मदरसे संचालित होंगे जो राज्य शिक्षा बोर्ड के निर्धारित पाठ्यक्रम का पालन करेंगे। इसके तहत अब तक 250 से अधिक मदरसों को बंद किया जा चुका है, जो शिक्षा के मानक और गुणवत्ता का पालन नहीं कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यह निर्णय सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
भविष्य के विधानसभा चुनाव पर भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी बात रखी और कहा कि राज्य सरकार और संगठन लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, और मदरसा बोर्ड को समाप्त कर नए अधिनियम लागू किए हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने केदारखंड और मानसखण्ड क्षेत्रों में तीर्थस्थलों का विकास और चारधाम ऑल वेदर रोड, बदरीनाथ मास्टर प्लान, हेमकुंड साहिब और केदारनाथ रोपवे जैसी परियोजनाओं की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये सभी योजनाएं तीर्थस्थलों और राज्य के विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण हैं।