फाल्गुन माह 2026 में शिव पूजा, कृष्ण आराधना, दान और होलाष्टक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ। जानें इस शुभ महीने में करने योग्य 5 जरूरी काम और सावधानियाँ।
फाल्गुन माह 2026: हिंदू पंचांग में फाल्गुन माह को बेहद शुभ और आध्यात्मिक माना जाता है। यह महीना वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और धार्मिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह में शिवरात्रि, होली, विजय एकादशी, आमलकी एकादशी, यशोदा जयंती और जानकी जयंती जैसे पर्व आते हैं।
1. शिव पूजा और उपासना
फाल्गुन माह में भगवान शिव की पूजा करने से मानसिक शांति, स्थिरता और आध्यात्मिक लाभ मिलता है। वसंत ऋतु के आगमन पर शिवलिंग पर जल और पीले फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। नियमित रूप से “ऊँ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से मन प्रसन्न और शांत रहता है।
2. कृष्ण आराधना और भजन
भगवान कृष्ण की पूजा फाल्गुन माह में विशेष महत्व रखती है। राधा-कृष्ण को गुलाल अर्पित करना और फाल्गुन भजन गाना वैवाहिक जीवन में समृद्धि और आनंद लाता है।
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संतान की इच्छा रखने वालों को बाल कृष्ण की पूजा करनी चाहिए।
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प्रेम और सुख की तलाश में युवा कृष्ण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
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ज्ञान और बुद्धि के लिए गुरु कृष्ण की पूजा मददगार होती है।
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3. चंद्रमा की पूजा
नौ ग्रहों में से चंद्रमा मानसिक संतुलन और भावनात्मक शांति का प्रतीक है। फाल्गुन माह में रोजाना दूध से अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। यह प्रथा मानसिक तनाव कम करने और कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत करने में मदद करती है।
4. दान से पुण्य कमाना
फाल्गुन माह में अपनी क्षमता के अनुसार शुद्ध घी, सरसों का तेल, मौसमी फल, अनाज और कपड़े जैसे वस्तुओं का दान करना चाहिए। इससे न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है बल्कि समाज में भी मदद पहुंचती है।
5. सावधानियां और वर्जित कार्य
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फाल्गुन के अंतिम आठ दिन होलाष्टक के नाम से जाने जाते हैं। इन दिनों विवाह, गृहप्रवेश और अन्य महत्वपूर्ण काम अशुभ माने जाते हैं।
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पूरे महीने में मांस, मछली, शराब और नशीले पदार्थों से परहेज करें।
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क्रोध, द्वेष और कठोर शब्दों से बचें। दयालुता और सच्चाई अपनाने से यह माह प्रेम और आनंद से भर जाएगा।