पूजाघर में भूलकर भी न रखें ये मूर्तियां। जानें वास्तु अनुसार कौन-सी मूर्तियां घर में दरिद्रता, क्लेश और नकारात्मक ऊर्जा ला सकती हैं।
हम सभी अपने घर में सुख-शांति और समृद्धि के लिए एक छोटा सा मंदिर या पूजाघर बनाते हैं। यह घर का सबसे पवित्र स्थान होता है, जहाँ से सकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में फैलती है। लेकिन, कभी-कभी हम अनजाने में ऐसी मूर्तियां रख देते हैं, जो वास्तु शास्त्र के अनुसार नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकती हैं और जीवन में परेशानियों को जन्म देती हैं।
पूजाघर में इन मूर्तियों को न रखें
1. टूटी या खंडित मूर्तियां: कभी भी ऐसे विग्रह या मूर्ति न रखें जिसका कोई हिस्सा टूटा हुआ हो या रंग उतर गया हो। शास्त्रों के अनुसार, इनकी पूजा से पुण्य नहीं मिलता, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इन मूर्तियों को पवित्र नदी या पीपल के पेड़ के नीचे सम्मानपूर्वक रखना चाहिए।
2. क्रोधित मुद्रा वाली मूर्तियां: घर के मंदिर में ऐसी मूर्तियां या तस्वीरें न लगाएं, जिसमें भगवान क्रोधित मुद्रा में हों, जैसे कालभैरव या तांडव करते शिवजी। मंदिर में हमेशा शांत और आशीर्वाद देती मूर्तियां ही रखें, ताकि घर का माहौल सौम्य और सकारात्मक बना रहे।
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3. एक ही भगवान की दो या अधिक मूर्तियां: कई लोग श्रद्धा में एक ही भगवान की कई मूर्तियां रख देते हैं। वास्तु के अनुसार, एक ही स्थान पर दो या दो से अधिक मूर्तियां रखने से ऊर्जा का टकराव होता है, जिससे मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह बढ़ सकते हैं।
4. आमने-सामने मूर्तियां: मंदिर में कभी भी मूर्तियों को ऐसे न रखें कि उनका चेहरा एक-दूसरे की तरफ हो। इससे पारिवारिक मतभेद और कलह बढ़ सकता है।
मूर्तियों का सही रख-रखाव
मूर्तियों को केवल रखना ही पर्याप्त नहीं है। उनका साफ-सफाई और नियमित पूजा भी जरूरी है। धूल जमी या मुरझाए फूलों से घिरी मूर्तियां दुर्भाग्य और नकारात्मकता को आमंत्रित करती हैं।
पूजाघर केवल सजावट का हिस्सा नहीं, बल्कि श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। यदि आपके मंदिर में ऊपर बताई गई किसी भी प्रकार की मूर्ति है, तो इसे किसी शुभ दिन या शनिवार को हटाना चाहिए। सही दिशा और सही स्वरूप वाली मूर्तियां आपके जीवन में सफलता, शांति और समृद्धि लेकर आती हैं।