Tuesday, August 11, 2026

सावन 2026: 30 जुलाई से शुरू होगा पवित्र महीना, जानें कब-कब पड़ेंगे सोमवार और क्या है महत्व

by Neha
सावन 2026: 30 जुलाई से शुरू होगा पवित्र महीना, जानें कब-कब पड़ेंगे सोमवार और क्या है महत्व

सावन 2026 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा। जानें इस साल कितने सावन सोमवार पड़ेंगे, उनकी तारीखें और शिव पूजा का धार्मिक महत्व।

सावन 2026: भगवान शिव को समर्पित पवित्र सावन माह 2026 में 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। यह महीना शिव भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है, जिसमें व्रत, पूजा, रुद्राभिषेक और कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व होता है।

सावन 2026 की तारीखें

हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होगी और इसका समापन 28 अगस्त 2026 को होगा। इस दौरान शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों की रौनक देखने को मिलेगी।

सावन 2026 में कितने सोमवार पड़ेंगे?

इस वर्ष सावन महीने में कुल चार सोमवार पड़ेंगे, जो इस प्रकार हैं—

पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026

सावन सोमवार को भगवान शिव की पूजा का सबसे शुभ दिन माना जाता है।

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सावन माह का धार्मिक महत्व

सावन माह को भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तप किया था, जिससे प्रसन्न होकर शिव ने सावन माह में उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इस कारण यह महीना शिव भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।

समुद्र मंथन से जुड़ी मान्यता

मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया था, जिससे वे नीलकंठ कहलाए। इसी कारण सावन में शिव पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व होता है।

सावन सोमवार का महत्व

सावन सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल और पंचामृत से अभिषेक करने से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन व्रत रखने और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।

कांवड़ यात्रा का महत्व

सावन माह में लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा करते हैं और शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। यह यात्रा आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है।

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