राम नवमी 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन राम चालीसा का पाठ करने से बंद दरवाजे खुलते हैं और जीवन में गरीबी, दुर्भाग्य और बाधाएं दूर होती हैं।
वैदिक पंचांग के अनुसार, राम नवमी 26 मार्च 2026 को बड़े धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की पूजा-अर्चना के साथ राम चालीसा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राम नवमी के दिन श्री राम की साधना करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
इस खास अवसर पर भक्तजन अन्न, धन और अन्य सामग्री का दान करके भी पुण्य कमाते हैं। माना जाता है कि राम चालीसा का नियमित पाठ करने से हर प्रकार की बाधाएं, शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होते हैं और बिगड़े कार्य पूर्ण होते हैं।
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राम चालीसा का महत्व
राम चालीसा में भगवान श्री राम के गुण, पराक्रम और भक्तों के प्रति उनकी कृपा का वर्णन किया गया है। ऐसा माना जाता है कि राम चालीसा का पाठ करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
राम चालीसा की कुछ प्रमुख पंक्तियाँ इस प्रकार हैं:
श्री रघुबीर भक्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी।
निशि दिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहीं होई।।
ध्यान धरें शिवजी मन मांही। ब्रह्मा, इन्द्र पार नहीं पाहीं।।
दूत तुम्हार वीर हनुमाना। जासु प्रभाव तिहुं पुर जाना।।
जय, जय, जय रघुनाथ कृपाला। सदा करो संतन प्रतिपाला।।
तुव भुजदण्ड प्रचण्ड कृपाला। रावण मारि सुरन प्रतिपाला।।
तुम अनाथ के नाथ गोसाईं। दीनन के हो सदा सहाई।।
ब्रह्मादिक तव पार न पावैं। सदा ईश तुम्हरो यश गावैं।।
चारिउ भेद भरत हैं साखी। तुम भक्तन की लज्जा राखी।।
गुण गावत शारद मन माहीं। सुरपति ताको पार न पाहिं।।
नाम तुम्हार लेत जो कोई। ता सम धन्य और नहीं होई।।
राम नाम है अपरम्पारा। चारिहु वेदन जाहि पुकारा।।
गणपति नाम तुम्हारो लीन्हो। तिनको प्रथम पूज्य तुम कीन्हो।।
शेष रटत नित नाम तुम्हारा। महि को भार शीश पर धारा।।
फूल समान रहत सो भारा। पावत कोऊ न तुम्हरो पारा।।
भरत नाम तुम्हरो उर धारो। तासों कबहूं न रण में हारो।।
नाम शत्रुहन हृदय प्रकाशा। सुमिरत होत शत्रु कर नाशा।।
लखन तुम्हारे आज्ञाकारी। सदा करत सन्तन रखवारी।।
ताते रण जीते नहिं कोई। युद्ध जुरे यमहूं किन होई।।
महालक्ष्मी धर अवतारा। सब विधि करत पाप को छारा।।
सीता राम पुनीता गायो। भुवनेश्वरी प्रभाव दिखायो।।
घट सों प्रकट भई सो आई। जाको देखत चन्द्र लजाई।।
जो तुम्हरे नित पांव पलोटत। नवो निद्धि चरणन में लोटत।।
सिद्धि अठारह मंगलकारी। सो तुम पर जावै बलिहारी।।
औरहु जो अनेक प्रभुताई। सो सीतापति तुमहिं बनाई।।
इच्छा ते कोटिन संसारा। रचत न लागत पल की बारा।।
जो तुम्हरे चरणन चित लावै। ताकी मुक्ति अवसि हो जावै।।
सुनहु राम तुम तात हमारे। तुमहिं भरत कुल पूज्य प्रचारे।।
तुमहिं देव कुल देव हमारे। तुम गुरु देव प्राण के प्यारे।।
जो कुछ हो सो तुमहिं राजा। जय जय जय प्रभु राखो लाजा।।
राम आत्मा पोषण हारे। जय जय जय दशरथ के प्यारे।।
जय जय जय प्रभु ज्योति स्वरुपा। नर्गुण ब्रहृ अखण्ड अनूपा।।
सत्य सत्य जय सत्यव्रत स्वामी। सत्य सनातन अन्तर्यामी।।
सत्य भजन तुम्हरो जो गावै। सो निश्चय चारों फल पावै।।
सत्य शपथ गौरीपति कीन्हीं। तुमने भक्तिहिं सब सिधि दीन्हीं।।
ज्ञान हृदय दो ज्ञान स्वरुपा। नमो नमो जय जगपति भूपा।।
धन्य धन्य तुम धन्य प्रतापा। नाम तुम्हार हरत संतापा।।
सत्य शुद्ध देवन मुख गाया। बजी दुन्दुभी शंख बजाया।।
सत्य सत्य तुम सत्य सनातन। तुम ही हो हमरे तन-मन धन।।
याको पाठ करे जो कोई। ज्ञान प्रकट ताके उर होई।।
आवागमन मिटै तिहि केरा। सत्य वचन माने शिव मेरा।।
और आस मन में जो होई। मनवांछित फल पावे सोई।।
तीनहुं काल ध्यान जो ल्यावै। तुलसी दल अरु फूल चढ़ावै।।
साग पत्र सो भोग लगावै। सो नर सकल सिद्धता पावै।।
अन्त समय रघुबर पुर जाई। जहां जन्म हरि भक्त कहाई।।
श्री हरिदास कहै अरु गावै। सो बैकुण्ठ धाम को पावै।।
॥दोहा॥
सात दिवस जो नेम कर, पाठ करे चित लाय।
हरिदास हरि कृपा से, अवसि भक्ति को पाया।।
राम चालीसा जो पढ़े, राम चरण चित लाय।
जो इच्छा मन में करै, सकल सिद्ध हो जाय।।
राम चालीसा का पाठ विशेष रूप से सच्चे मन और श्रद्धा के साथ करना चाहिए। सात दिनों तक नियमित रूप से पाठ करने से भक्तों को हर प्रकार के आध्यात्मिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं।
भक्ति और साधना से मिलती है कृपा
राम नवमी के दिन पाठ करने वाले भक्तों को माना जाता है कि भगवान श्री राम की कृपा से जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ, दुर्भाग्य और आर्थिक समस्याएँ दूर होती हैं। इसके साथ ही रोग और शारीरिक कष्ट से भी मुक्ति मिलती है।
भक्तजन इस दिन राम चालीसा का पाठ कर मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि प्राप्त कर सकते हैं और भगवान श्री राम की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि का अनुभव कर सकते हैं।