राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में जल संसाधन विभाग, सिंचित क्षेत्रीय विकास विभाग और इंदिरा गांधी नहर विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों से राज्य में जलापूर्ति और सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की और उन्हें कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और आमजन को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं की नियमित निगरानी पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं की कार्ययोजना के अनुसार नियमित निगरानी की जाए ताकि परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने विशेष रूप से रामजल सेतु लिंक परियोजना पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे प्रदेश की बड़ी आबादी को निर्बाध जलापूर्ति मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के विभिन्न चरणों को कार्ययोजना के अनुसार पूरा करने का आदेश दिया और कहा कि संबंधित अधिकारी इस परियोजना को प्राथमिकता दें।
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी सिंचाई योजनाओं को गति देने की दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री ने बैठक में सीकर, चूरू और झुंझुनूं को यमुना जल उपलब्ध कराने के लिए जारी प्रयासों की प्रगति पर भी चर्चा की। उन्होंने इस योजना की कार्ययोजना में तेजी लाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए। इसके अलावा, इंदिरा गांधी नहर परियोजना के विभिन्न विकास कार्यों को समय सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के आदेश दिए। श्री शर्मा ने यह भी कहा कि गंगनहर का निर्माण दिसंबर में 100 वर्ष पूरा करेगा, और इस अवसर पर इस नहर के विकास के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा और कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने बैठक में देवास तृतीय और चतुर्थ परियोजना, अपर हाई लेवल कैनाल, राजस्थान वॉटर सेक्टर लाइवलीहुड इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट, बांध पुनर्वास एवं सुधार परियोजना, परवन वृहद बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना, कालीतीर लिफ्ट परियोजना, धौलपुर लिफ्ट सिंचाई और पेयजल परियोजना, पम्प भंडारण परियोजनाओं सहित कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं से संबंधित वन और पर्यावरण से जुड़ी स्वीकृतियों और क्लीयरेंस प्रक्रियाओं में गति लाई जाए। इसके साथ ही, लंबित बजटीय घोषणाओं से जुड़े एनआईटी, टेंडर, वर्क ऑर्डर और डीपीआर के कार्यों को तेज़ी से पूरा करने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए।
जल संसाधन मंत्री और अधिकारी थे बैठक में मौजूद
इस समीक्षा बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत समेत जल संसाधन विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।