पंजाब के पानी के बकाये को लेकर मान सरकार ने राजस्थान और हरियाणा को पत्र भेजे। मंत्री बरिंदर गोयल ने पड़ोसी राज्यों से भुगतान की मांग की।
पंजाब के पानी से जुड़े बकाये को लेकर भगवंत मान सरकार ने राजस्थान और हरियाणा सरकार के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने बताया कि राज्य सरकार ने दोनों पड़ोसी राज्यों को बकाया भुगतान को लेकर पत्र भेजे हैं।
राजस्थान से पानी के बकाये की मांग
बरिंदर गोयल के मुताबिक, राजस्थान लंबे समय से पंजाब से पानी ले रहा है, लेकिन भुगतान को लेकर राज्य का दावा लंबित है। पंजाब सरकार ने इस मुद्दे को औपचारिक रूप से राजस्थान सरकार के सामने उठाया है। मार्च 2026 में पंजाब सरकार की ओर से राजस्थान से करीब ₹1.44 लाख करोड़ के पानी के उपयोग से जुड़े बकाये की मांग किए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।
पुराने समझौते का दिया हवाला
बरिंदर गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार का दावा पुराने जल समझौतों और लंबे समय से चले आ रहे पानी के इस्तेमाल से जुड़ा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इस मुद्दे पर राजस्थान से बकाया राशि की मांग करने की बात कह चुके हैं।
हरियाणा के बकाये का भी मुद्दा
बरिंदर गोयल ने हरियाणा को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के अनुसार हरियाणा से जुड़े पानी के बकाये को लेकर भी पत्र भेजा गया है और राज्य अपने अधिकारों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठा रहा है।
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बाढ़ का नुकसान पंजाब क्यों उठाए?
गोयल ने पड़ोसी राज्यों को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब पंजाब में बाढ़ आती है तो उसका नुकसान राज्य को खुद उठाना पड़ता है, लेकिन पानी की बात आने पर दूसरे राज्य भी अपने अधिकार का दावा करते हैं।
पंजाब के हितों की लड़ाई जारी रखने का दावा
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मान सरकार पंजाब के जल संसाधनों और राज्य के हितों से जुड़े मामलों पर पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने संकेत दिया कि पानी के बकाये का मुद्दा आगे भी संबंधित राज्यों और उचित मंचों पर मजबूती से उठाया जाएगा।
सरकार ने तेज किया पानी का मुद्दा
राजस्थान के साथ पानी के बकाये को लेकर पंजाब सरकार पहले ही औपचारिक पत्राचार कर चुकी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने राजस्थान से भुगतान करने या पानी के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग रखी है।