केंद्रीय मंत्री और तमिलनाडु भाजपा चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “विभाजनकारी” और “भारत विरोधी” करार दिया है। यह बयान राज्य में परिसीमन और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर जारी विवाद के बीच सामने आया है।
स्टालिन के आरोपों पर गोयल की प्रतिक्रिया
पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री स्टालिन द्वारा परिसीमन को प्रगतिशील राज्यों को दंडित करने का प्रयास बताने वाले बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देश की एकता के खिलाफ हैं और गलत संदेश देते हैं।
गोयल के अनुसार, तमिलनाडु में आने वाले चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मजबूती मिलेगी और एआईएडीएमके के नेतृत्व में विपक्ष को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।
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महिला आरक्षण और विपक्ष पर आरोप
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस और डीएमके पर भी हमला करते हुए आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर इन दलों ने देश की महिलाओं के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों के बावजूद विपक्षी दलों ने राजनीतिक लाभ के लिए बाधा उत्पन्न की।
परिसीमन को लेकर जारी सियासी तनाव
यह विवाद तब और बढ़ गया जब मुख्यमंत्री स्टालिन ने परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए इसे दक्षिणी राज्यों के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने इसे राज्य के विकास मॉडल और जनसंख्या नियंत्रण नीति के लिए खतरा करार दिया।
राजनीतिक माहौल हुआ और गर्म
स्टालिन ने केंद्र पर राज्य विरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शनों की बात कही थी। इसके जवाब में भाजपा की ओर से कड़ा रुख अपनाया गया है, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है।
आगामी चुनावों को देखते हुए राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं।