कलोल में दुष्कर्म का शिकार हुई बेटी के परिवार से AAP महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पायल साकरिया ने की मुलाकात
कलोल में जिस बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना हुई और उसके बाद उसकी मौत हो गई, उस मृतक पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए आज आम आदमी पार्टी की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष पायल साकरिया अपनी टीम के साथ पहुंचीं। पायल साकरिया ने मृतक बेटी के माता-पिता और परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। साथ ही उस बेटी को न्याय दिलाने के लिए आम आदमी पार्टी हमेशा उनके साथ रहेगी, ऐसा आश्वासन भी दिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष पायल साकरिया ने वीडियो के माध्यम से बताया कि, कलोल में जिस बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ और जिसने अस्पताल में अपने अंतिम सांस ली, उसके परिवार से मिलने मैं गांधीनगर की टीम के साथ आई थी। गुजरात में सुरक्षा के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन गुजरात की हमारी बहन बेटियां और महिलाएं दिन-ब-दिन पीड़ित हो रही हैं। जिस बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ और जिसने अपनी जान गंवाई, हम आज उसके परिवार से मिले। उनके मम्मी-पापा और दादी से मिले और हम बता भी नहीं सकते कि उन्हें कितना दुख है। आज हमारे गुजरात में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। इस बेटी की 7 तारीख को मौत हुई थी और आज 11 तारीख है, लेकिन अभी भी उस बेटी के पिता पुलिस स्टेशन के चक्कर काट रहे हैं। उनकी बेटी के साथ क्या हुआ है, इसका अभी तक भी उन्हें पता नहीं चल पा रहा है।
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इसके अलावा आम आदमी पार्टी की महिला नेता पायल साकरिया ने बताया कि, जब इस बेटी को उसके माता-पिता ने आखिरी बार अस्पताल में देखा, तब वह बेहोशी की अवस्था में थी और शरीर में हर जगह नलियां लगी हुई थीं और उसे बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही थी। मतलब कि वे अपनी बेटी से आखिरी बार बात भी नहीं कर सके। बहुत बड़ा प्रशासन है, लेकिन अभी तक सीसीटीवी कैमरे चेक नहीं किए गए हैं। आज उस बेटी के पिता को सीसीटीवी देखने के लिए बुलाया गया है, लेकिन हमारा सवाल है कि सीसीटीवी चेक करने में इतना समय क्यों लगा? बेटी के माता-पिता को शक है कि इसमें सिर्फ एक व्यक्ति शामिल नहीं है, इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं। तो हमारी मांग है कि इस घटना के मामले में ऐसी कार्रवाई की जाए जो एक उदाहरण बने, ताकि भविष्य में कोई भी हैवान सपने में भी किसी बेटी के साथ ऐसा करने के बारे में न सोचे और इन हैवानों के अंदर ऐसा डर पैदा हो कि भविष्य में फिर से ऐसी कोई घटना न हो। सरकार के समक्ष हमारी मांग है कि किसी भी व्यक्ति को छोड़ा न जाए और किसी भी प्रकार के दबाव के बिना कार्रवाई की जाए।