NFHS-6 रिपोर्ट को लेकर सियासत तेज हो गई है। जेपी नड्डा ने मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों का जवाब देते हुए मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण और बीमा कवरेज में सुधार का दावा किया।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सर्वेक्षण के आंकड़ों को अधूरा पढ़कर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि नवीनतम रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों को दर्शाती है।
खड़गे ने सरकार पर लगाए थे गंभीर आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि NFHS-6 के आंकड़े स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में सरकार की कमियों को उजागर करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण आंकड़ों को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखने की कोशिश की जा रही है।
खड़गे ने दावा किया कि देश में कुपोषण, एनीमिया और बच्चों में कम वजन जैसी समस्याएं अभी भी गंभीर स्तर पर बनी हुई हैं, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों को सामने लाती हैं।
जेपी नड्डा बोले- अधूरी जानकारी से बनती है गलत तस्वीर
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषयों पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि NFHS-6 रिपोर्ट को संपूर्णता में देखने पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और स्वास्थ्य बीमा कवरेज जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दिखाई देती है।
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मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का दावा
नड्डा ने बताया कि पिछले दो दशकों में मातृ स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण संकेतकों में सुधार दर्ज किया गया है।
उनके अनुसार:
- गर्भावस्था की पहली तिमाही में पंजीकरण कराने वाली महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- संस्थागत प्रसव में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है।
- प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में होने वाले प्रसवों का प्रतिशत भी काफी बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि यह बदलाव महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के प्रयासों का परिणाम है।
टीकाकरण और स्वास्थ्य बीमा कवरेज में बढ़ोतरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि NFHS-6 के आंकड़े बच्चों के पूर्ण टीकाकरण, स्वास्थ्य बीमा कवरेज और स्वच्छता से जुड़े कई सकारात्मक बदलावों को भी दर्शाते हैं।
सरकार के अनुसार:
- पूर्ण टीकाकरण कवरेज में वृद्धि हुई है।
- स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का दायरा पहले की तुलना में काफी विस्तृत हुआ है।
- महिलाओं में स्वच्छ मासिक धर्म उत्पादों के उपयोग में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- बच्चों में कुपोषण और बौनापन जैसी समस्याओं में कमी आई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश का असर
नड्डा ने इन सुधारों का श्रेय स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों, स्वच्छता अभियानों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में किए गए निवेश को दिया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने के लिए कई स्तरों पर कार्य किया गया है, जिसका प्रभाव अब आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।
चुनौतियां अब भी मौजूद, लेकिन प्रयास जारी
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि देश में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कुछ चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। हालांकि उनका कहना है कि केंद्र सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलावों को नजरअंदाज करना उन लाखों स्वास्थ्यकर्मियों और लाभार्थियों के प्रयासों का सम्मान नहीं होगा, जिन्होंने इन सुधारों को संभव बनाया है।
NFHS-6 को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
NFHS-6 रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। जहां कांग्रेस रिपोर्ट के कुछ आंकड़ों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रही है, वहीं केंद्र सरकार इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का प्रमाण बता रही है। आने वाले समय में इस रिपोर्ट को लेकर राजनीतिक और नीतिगत स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना है।