प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे और अन्य नॉर्डिक देशों के साथ रणनीतिक संबंध मजबूत किए। स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल साझेदारी, हरित विकास और समुद्री सहयोग पर कई अहम समझौते हुए।
भारत के नॉर्डिक देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ताएं कीं। इस दौरान उन्होंने नॉर्वे और अन्य नॉर्डिक देशों के साथ संबंधों को नई ऊंचाई देने पर जोर दिया।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री से अहम मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे से मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों ने अपने संबंधों को “ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति जताई। इस साझेदारी के तहत स्वच्छ ऊर्जा, हरित शिपिंग, ब्लू इकॉनमी और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी।
नॉर्डिक सम्मेलन में बढ़ा सहयोग
भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता शामिल हुए। यह सहयोग 2018 में स्टॉकहोम में शुरू हुआ था और 2022 में कोपेनहेगन में आगे बढ़ाया गया था। इस मंच का उद्देश्य भारत और नॉर्डिक देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी को मजबूत करना है।
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12 समझौतों पर हस्ताक्षर
भारत और नॉर्वे के बीच इस यात्रा के दौरान कुल 12 समझौतों और पहलों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें शामिल हैं:
- जलवायु परिवर्तन और हरित विकास
- समुद्री सहयोग और शिपिंग
- डिजिटल अवसंरचना
- वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग
- अंतरिक्ष क्षेत्र में साझेदारी
Had a wonderful meeting with Prime Minister Kristrún Frostadóttir of Iceland. India deeply values the friendship with Iceland. We talked about ways to improve ties in areas such as clean energy, fisheries, sustainability, geothermal energy, carbon capture and storage and more.… pic.twitter.com/OJEsVQ6Wzm
— Narendra Modi (@narendramodi) May 19, 2026
डिजिटल और समुद्री क्षेत्र में नई पहल
दोनों देशों ने भारत-नॉर्वे डिजिटल विकास साझेदारी की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और ओपन डिजिटल इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है। इसके अलावा भारत ने नॉर-शिपिंग 2027 प्रदर्शनी में भागीदारी की भी पुष्टि की, जिसमें जहाज निर्माण और हरित समुद्री तकनीक पर सहयोग बढ़ाया जाएगा।
आइसलैंड और अन्य देशों के साथ संबंधों पर जोर
इस शिखर सम्मेलन में आइसलैंड सहित अन्य नॉर्डिक देशों के साथ भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई, खासकर नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्रों में।