Thursday, September 10, 2026

Lactose Intolerance Symptoms: दूध पीने के बाद गैस और पेट दर्द क्यों होता है? जानें लैक्टोज इंटॉलरेंस के कारण और किन लोगों को दूध नहीं पीना चाहिए

by Neha
Lactose Intolerance Symptoms: दूध पीने के बाद गैस और पेट दर्द क्यों होता है? जानें लैक्टोज इंटॉलरेंस के कारण और किन लोगों को दूध नहीं पीना चाहिए

Lactose Intolerance Symptoms: दूध पीने के बाद गैस, पेट दर्द या फूलने की समस्या क्यों होती है? जानें लैक्टोज इंटॉलरेंस के लक्षण, कारण और किन लोगों को दूध से परहेज करना चाहिए।

Lactose Intolerance Symptoms: दूध को लंबे समय से सेहत के लिए फायदेमंद और पोषण से भरपूर माना जाता है। यह प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। नवजात शिशु के लिए मां का दूध पहला और सबसे महत्वपूर्ण आहार होता है। हालांकि, कुछ लोगों को दूध या डेयरी उत्पादों जैसे पनीर, लस्सी और अन्य चीजें खाने के बाद पेट से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं।

दूध पीने के बाद गैस क्यों बनती है?

दूध में प्राकृतिक रूप से लैक्टोज नामक शुगर मौजूद होती है। इसे पचाने के लिए शरीर में लैक्टेज नामक एंजाइम की जरूरत होती है, जो छोटी आंत में बनता है। जब शरीर में यह एंजाइम पर्याप्त मात्रा में नहीं होता, तो लैक्टोज पूरी तरह पच नहीं पाता। नतीजतन, व्यक्ति को गैस, पेट फूलना, पेट दर्द या दस्त जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

लैक्टोज इंटॉलरेंस के लक्षण (Lactose Intolerance Symptoms)

अगर किसी को दूध या डेयरी उत्पाद लेने के बाद परेशानी होती है, तो यह लैक्टोज इंटॉलरेंस का संकेत हो सकता है। इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • पेट में गैस बनना

  • पेट फूलना या भारीपन महसूस होना

  • पेट दर्द या ऐंठन

  • दस्त या लूज मोशन

  • मतली या उल्टी जैसा महसूस होना

ये लक्षण आमतौर पर दूध पीने के 30 मिनट से 2 घंटे के भीतर दिखाई दे सकते हैं।

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किन लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है?

हर व्यक्ति को दूध से समस्या नहीं होती, लेकिन कुछ लोगों में यह दिक्कत अधिक देखी जाती है। जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर होता है या जिन्हें पहले से गैस, एसिडिटी या पेट संबंधी समस्याएं रहती हैं, उन्हें दूध पचाने में कठिनाई हो सकती है।

इसके अलावा, उम्र बढ़ने के साथ कई लोगों में लैक्टेज एंजाइम की मात्रा कम हो जाती है, जिससे दूध पचाना मुश्किल हो सकता है। कुछ आंत संबंधी बीमारियों के कारण भी यह समस्या बढ़ सकती है।

क्या दूध जरूरी है?

विशेषज्ञों के अनुसार, शिशुओं के लिए मां का दूध सबसे आवश्यक होता है और शुरुआती महीनों में यह पूरी पोषण जरूरत को पूरा करता है। बाद में बच्चा धीरे-धीरे ठोस आहार लेना शुरू करता है।

हालांकि दूध को भारतीय खानपान का अहम हिस्सा माना जाता है और यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, लेकिन जिन लोगों को इससे परेशानी होती है, वे अपनी प्रोटीन और पोषण की जरूरत अन्य खाद्य पदार्थों से भी पूरी कर सकते हैं।

यदि दूध पीने के बाद बार-बार पेट की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है।

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