विधानसभा सत्र के दौरान सरकार के समक्ष मांग करेंगे कि सूखा घोषित करके किसानों, खेत मजदूरों और पशुपालकों को सहायता का भुगतान कर न्याय दिया जाए: गोपाल इटालिया
विधानसभा सत्र के पहले दिन आम आदमी पार्टी के नेता और विधायक सूखी हुई मूंगफली और कपास सहित की फसल लेकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन अंदर जा रहे विधायकों को पुलिस ने रोक दिया था। ‘दुष्काल घोषणा सत्याग्रह’ का नेतृत्व कर रहे इसुदान गढ़वी के साथ AAP विधायक गोपाल इटालिया, चैतर वसावा, हेमंत खवा, सुधीर वाघाणी और AAP प्रदेश संगठन मंत्री तथा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता डॉ. करन बारोट ने किसानों की आवाज बनकर सूखा घोषित करने की मांग मजबूती से उठाई थी। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए विधायक गोपाल इटालिया ने बताया था कि खेतों में सिंचाई के लिए पानी नहीं होने के कारण कपास और मूंगफली सहित सभी फसलें सूख रही हैं।
’आप’ विधायक गोपाल इटालिया ने आगे बताया था कि किसानों ने बीज, दवा, खाद और यांत्रिक साधनों पर अपनी मेहनत से जो भी खर्च किए थे, वे सभी चीजें पानी के बिना विफल हो गई हैं। इसुदानभाई के नेतृत्व में हमने खंभालिया में पांच दिनों तक ‘दुष्काल घोषणा सत्याग्रह’ किया था, हजारों किसान आए और मांग की कि सूखाग्रस्त घोषित करो, मजदूरी करने वाले लोगों और पशुपालन करने वाले मालधारियों को सहायता दो, फिर भी सरकार के पेट का पानी नहीं हिलता। पानी के अभाव में अभी किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं, तब इस विधानसभा सत्र के माध्यम से हम सरकार से विनती करते हैं कि जल्द से जल्द सूखा घोषित किया जाए और किसानों, खेत मजदूरों तथा पशुपालक-मालधारियों को तत्काल सहायता देकर न्याय दिया जाए।