Sunday, September 20, 2026

शेयर बाजार में धमाका: 2 दिन में 35% उछला जय भारत मारुति का शेयर, मारुति से जुड़ाव बना बड़ा कारण

by Neha
शेयर बाजार में धमाका: 2 दिन में 35% उछला जय भारत मारुति का शेयर, मारुति से जुड़ाव बना बड़ा कारण

जय भारत मारुति के शेयर में 2 दिनों में 35% की जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मजबूत ऑर्डर बुक और मारुति से जुड़े होने के कारण स्टॉक में निवेशकों की भारी दिलचस्पी बढ़ी।

शेयर बाजार में ऑटो सेक्टर की एक कंपनी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी जय भारत मारुति के शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जिससे बाजार में पूरे दिन यह स्टॉक चर्चा में बना रहा।

1 दिन में 11% और 2 दिन में 35% की तेजी

जय भारत मारुति के शेयर में सिर्फ एक दिन में करीब 11 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं पिछले दो कारोबारी सत्रों में यह स्टॉक लगभग 35 प्रतिशत तक उछल गया, जिससे निवेशकों को बड़ा फायदा हुआ।

तेजी की वजह क्या रही?

बाजार सूत्रों के मुताबिक कंपनी के शेयर में आई इस तेजी के पीछे मजबूत ऑर्डर बुक और सकारात्मक बिजनेस आउटलुक को मुख्य कारण माना जा रहा है। ऑटो सेक्टर में बढ़ती मांग का सीधा फायदा उन कंपनियों को मिल रहा है, जो बड़ी ऑटो कंपनियों को कंपोनेंट सप्लाई करती हैं।

ऑटो सेक्टर में सुधार का असर

पिछले कुछ महीनों से ऑटो सेक्टर में लगातार रिकवरी देखने को मिल रही है। पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में सुधार के चलते ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों के कारोबार में भी तेजी आई है। इसी कारण निवेशकों का रुझान ऐसे शेयरों की तरफ बढ़ा है।

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मारुति से जुड़ाव बना भरोसे की वजह

जय भारत मारुति का संबंध देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी से जुड़ा हुआ है। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा इस स्टॉक पर और मजबूत हुआ है। बाजार में माना जाता है कि मारुति की बिक्री बढ़ने का सीधा फायदा उसकी सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों को मिलता है।

निवेशकों को मिला बड़ा मुनाफा

तेजी के चलते गुरुवार के कारोबार में कई निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला। दिन की शुरुआत में सामान्य कारोबार करने वाला यह शेयर कुछ ही घंटों में तेज रफ्तार पकड़कर चर्चा का केंद्र बन गया।

आगे क्या रहेगा रुझान?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल ऑटो सेक्टर में माहौल सकारात्मक बना हुआ है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग और कंपनियों के विस्तार योजनाओं का असर ऑटो कंपोनेंट कंपनियों पर दिख रहा है। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल तेजी के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।

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