राजस्थान के सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल में हुए दर्दनाक अग्निकांड में अब तक 8 मरीजों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह हादसा रविवार देर रात ट्रॉमा सेंटर के ICU में शॉर्ट सर्किट के चलते हुआ। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SMS अस्पताल हादसे को लेकर दुख जताते हुए कहा, “राजस्थान के अस्पताल में आग की घटना में हुई जनहानि से अत्यंत दुखी हूं। जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति हार्दिक संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
The loss of lives due to a fire tragedy at a hospital in Jaipur, Rajasthan, is deeply saddening. Condolences to those who have lost their loved ones. May the injured recover soon: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) October 6, 2025
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बताया “हृदय विदारक”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी इस घटना को पीड़ादायक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग से कई मरीजों की मौत बेहद हृदय विदारक घटना है। दिवंगत आत्माओं को शांति और परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति मिले।”
कैसे लगी आग? डॉक्टर ने बताया पूरा घटनाक्रम
ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि ICU में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग फैल गई और भारी मात्रा में जहरीला धुआं निकलने लगा। हादसे के समय ICU में कुल 11 मरीज भर्ती थे। इनमें से अधिकांश पहले से ही गंभीर और बेहोश अवस्था में थे। आग लगते ही वहां मौजूद नर्सिंग स्टाफ और वार्ड बॉय ने तुरंत मरीजों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
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उन्होंने बताया कि ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर दो ICU हैं – एक ट्रॉमा ICU और एक सेमी ICU, जिनमें कुल 24 मरीज थे। आग ट्रॉमा ICU में लगी। सभी मरीजों को स्ट्रेचर और ट्रॉलियों से बाहर लाया गया और CPR के ज़रिए होश में लाने की कोशिश की गई, लेकिन 8 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
फॉरेंसिक जांच और सुरक्षा समीक्षा जारी
फिलहाल फायर ब्रिगेड और FSL (Forensic Science Lab) की टीमें मौके पर जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट जांच के बाद आएगी। इस घटना के बाद पूरे SMS अस्पताल परिसर में फायर सेफ्टी सिस्टम की समीक्षा की जा रही है।