जामनगर में वृद्ध आहीर दंपति के घर पर डिमोलिशन कार्रवाई मुद्दे पर इसुदान गढ़वी के भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने वीडियो के माध्यम से कहा कि सौराष्ट्र में और खासकर काठियावाड़ में हमारी परंपराओं में “चतुराई चारण की, रीति राजपूत की, आश्रय आहीर का” जैसी कहावतें वर्षों से प्रचलित हैं। आहीर समाज हमेशा आश्रय देने वाले समाज के रूप में जाना जाता रहा है। अंग्रेजों की शासन व्यवस्था में भी ये परंपराएं जीवित थीं। कोई मुसाफिर रात के समय आहीर समाज के घर पहुंचता था तो उसे खाने-रहने और रात बिताने की व्यवस्था मिलती थी। लेकिन आज जामनगर में आहीर समाज का एक वृद्ध दंपति वर्षों से जहां रह रहा है, वहां से भाजपा शासित तंत्र द्वारा उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसुदान गढ़वी ने कहा कि भाजपा की महानगरपालिका बनते ही फिर से डिमोलिशन की कार्रवाई शुरू हो गई है और गरीबों, वंचितों और शोषितों को बचाने की जगह उन पर तंत्र टूट पड़ा है। भीषण गर्मी में यह वृद्ध दंपति कहां जाएगा इसकी किसी को चिंता नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि उद्योगपतियों को हजारों एकड़ जमीन सस्ते दामों में दी जाती है, तो गरीबों को रहने के लिए मकान क्यों नहीं दिए जाते? अगर सरकार इतना भी नहीं कर सकती तो ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे इस्तीफा दे देना चाहिए।
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इसुदान गढ़वी ने आगे कहा कि समाज भाजपा को मजबूती से वोट देता है, लेकिन बदले में समाजों को क्या मिलता है यह आज लोग देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक वृद्ध महिला को पुलिस द्वारा घसीटकर ले जाया जाता है, यह देखकर शर्म से सिर झुक जाता है। यह तंत्र, शासक और नेता अंग्रेजी मानसिकता से काम कर रहे हैं। पुलिस, कॉर्पोरेशन और तंत्र की शक्ति का उपयोग गरीबों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर डिमोलिशन करना हो तो पहले वैकल्पिक व्यवस्था देनी चाहिए। इसुदान गढ़वी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक घटना की बात नहीं है, बल्कि अब लोगों को जागने की जरूरत है। जाति और धर्म के नाम पर लोगों को भटकाया जा रहा है और अब लोगों की अपनी सरकार, जनता की सरकार बनाने की जरूरत है, नहीं तो ये देसी अंग्रेज आम लोगों को जीने नहीं देंगे।