AAP डॉ. करन बारोट: भारत में भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसी सरकार चलाई गई होती तो देश की जनता ने भाजपा को वोट नहीं दिए होते
आम आदमी पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता डॉ. करन बारोट ने वीडियो के माध्यम से कहा कि आम लोगों की जिंदगी से जुड़ी सभी चीजों की कीमतें दिन-ब-दिन भारतीय जनता पार्टी के शासन में बढ़ रही हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि गैस की कीमतों में दो रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले कॉमर्शियल गैस की कीमतों में भी लगभग नौ सौ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जब बढ़ोतरी होती है तब उसका असर केवल वाहन चालकों पर ही नहीं पड़ता, बल्कि पूरे परिवार और रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजों पर उसका सीधा असर पड़ता है।
આ સરકાર “વિકાસ”ની વાત કરે છે, પરંતુ હકીકતમાં મધ્યમ વર્ગ, યુવાનો, ખેડૂત અને નાના વેપારીઓ આર્થિક સંકટમાં ધકેલાઈ રહ્યા છે, રોજગાર નથી, આવક વધી નથી, અને ઉપરથી ઈંધણના વધતા ભાવ લોકોની કમર તોડી રહ્યા છે. @AAPGujarat
મોંઘવારી હટાવો, જનતાને બચાવો! pic.twitter.com/ZBZVsJj84l
— Dr Karan Barot🇮🇳🧹 (@khbarot) May 15, 2026
डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से उसका बोझ ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर आता है और उसके कारण पूरी परिवहन व्यवस्था प्रभावित होती है। डॉ. करण बारोट ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता और प्रवक्ता बार-बार पाकिस्तान और अफगानिस्तान की स्थिति का उदाहरण देते हैं और वहां के पेट्रोल के दामों की बात करते हैं। लेकिन अगर भारत में भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसी सरकार चलाई गई होती तो देश की जनता ने उन्हें वोट नहीं दिए होते।
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AAP के मुख्य प्रवक्ता डॉ. करन बारोट ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद उसका लाभ गुजरात और देश की जनता को नहीं मिला और सरकार का खजाना भरता रहा। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के जरिए लोगों की जेब काटने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि अब तो अधिकांश राज्यों में भाजपा की सरकार है, तो फिर पेट्रोल और डीजल को GST के तहत क्यों नहीं लाया जा रहा? क्योंकि सरकार की नीयत और दानत दोनों में खोट है। विश्वगुरु और विकास की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन हकीकत यह है कि आज गरीब, मध्यम वर्ग, युवा और किसान सभी लोग आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। लोगों की आय नहीं बढ़ रही है, रोजगार नहीं बढ़ रहा है, लेकिन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। इसलिए सरकार से मांग की जाती है कि किसानों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को विशेष राहत देने का काम सरकार को करना चाहिए।