पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ईडी-डीजीपी पत्र विवाद पर अकाली दल और भाजपा को घेरा। जानें प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीमा ने क्या आरोप लगाए।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के बीच पत्राचार को लेकर चल रहे विवाद पर शिरोमणि अकाली दल और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। चीमा ने आरोप लगाया कि अकाली दल अब भाजपा और केंद्रीय जांच एजेंसियों के इशारे पर काम कर रहा है और ईडी के पत्र को आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है।
हरपाल सिंह चीमा ने अकाली दल पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल अपनी पुरानी राजनीतिक विचारधारा से दूर हो चुका है। उनके मुताबिक, अकाली दल पंजाब सरकार को घेरने के लिए ईडी और डीजीपी के बीच हुए संवाद को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।
चीमा ने आरोप लगाया कि पंजाब में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में अकाली दल भाजपा के साथ मिलकर आम आदमी पार्टी सरकार को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता इस तरह की राजनीति को समझती है और विपक्ष की इन कोशिशों से गुमराह नहीं होगी।
अकाली-भाजपा सरकार को लेकर भी उठाए सवाल
पंजाब के वित्त मंत्री ने 2007 से 2017 के बीच रही अकाली-भाजपा सरकार का भी जिक्र किया। उन्होंने पिछली सरकार पर नशे, बेअदबी की घटनाओं और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग उस दौर की घटनाओं को अब भी भूले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि नशे की समस्या और अन्य सामाजिक चुनौतियों का राज्य के युवाओं और परिवारों पर व्यापक असर पड़ा। उनके अनुसार, कई परिवारों ने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विदेश भेजने की कोशिश में अपनी जमीन और संपत्ति तक बेच दी।
केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल पर भाजपा को घेरा
हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने और विपक्षी दलों की सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है।
चीमा ने दावा किया कि चुनावों के दौरान या विपक्षी सरकारों के मजबूत होने पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संघीय व्यवस्था के प्रति उचित रवैया नहीं अपनाने का आरोप भी लगाया।
also read: पंजाब के 23 जिलों के गांवों में लगेंगी 3 लाख सोलर एलईडी…
ईडी-डीजीपी पत्र को लेकर क्या कहा?
ईडी की ओर से पंजाब के डीजीपी को भेजे गए पत्र को लेकर जारी राजनीतिक बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए चीमा ने कहा कि इस पत्र को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल इस पत्र को आम आदमी पार्टी सरकार की छवि खराब करने के लिए राजनीतिक मुद्दे में बदल रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता सरकार के कामकाज और उसके विकास एजेंडे को देख रही है। चीमा के मुताबिक, विपक्षी दलों की राजनीतिक रणनीति से राज्य सरकार के काम प्रभावित नहीं होंगे।
पंजाब की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
ईडी और डीजीपी के बीच पत्राचार का मामला सामने आने के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आम आदमी पार्टी सरकार जहां इसे राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगा रही है, वहीं विपक्षी दल इस मुद्दे को सरकार की जवाबदेही से जोड़कर उठा रहे हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने अपने बयान में अकाली दल और भाजपा के बीच राजनीतिक संबंधों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग दोनों दलों की राजनीति और उनके पुराने गठबंधन से परिचित हैं।
चीमा बोले- पंजाब की जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता
अपने संबोधन में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अकाली दल की कथित अवसरवादी राजनीति और भाजपा के साथ उसके लंबे राजनीतिक संबंधों को पंजाब की जनता अच्छी तरह समझती है। उन्होंने दावा किया कि ईडी के पत्र और विपक्षी दलों की बयानबाजी के जरिए आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश सफल नहीं होगी।
चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार अपने शासन और विकास के एजेंडे पर काम करती रहेगी और राजनीतिक आरोपों के कारण सरकार की प्राथमिकताएं प्रभावित नहीं होंगी।